शब्बीर कुरैशी/दल्लीराजहरा
भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर प्रशासक की लापरवाही से राजहरा माइंस स्थित D.A.V. Ispat Senior Secondary Public School के सैकड़ों बच्चों की जान खतरे में है। स्कूल के मुख्य गेट से हाई वोल्टेज लाइन का अर्थिंग तार सीधा लोहे के गेट से बांध दिया गया है। बारिश में जरा सी चूक और पूरा गेट करंट बन सकता है।

1. गेट ही बन गया “करंट का जाल”
आप तस्वीर में साफ देख सकते हैं कि “D.A.V. ISPAT SENIOR SECONDARY PUBLIC SCHOOL RAJHARA MINES” के बोर्ड के ठीक नीचे से पतला तार निकलकर स्कूल के लोहे के गेट से जुड़ा है। यह अर्थिंग का तार है। नियम के अनुसार अर्थिंग तार को सीधे जमीन में गाड़ा जाना चाहिए, न कि भीड़ वाले स्कूल गेट से।
2. 1000 बच्चों की जिंदगी दांव पर
इस स्कूल में 1000 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। सुबह और छुट्टी के समय गेट पर भारी भीड़ रहती है। बच्चे बैग, छाते और हाथ से गेट को छूते हैं। अगर लाइन में फॉल्ट आया या अर्थिंग फेल हुई तो पूरा गेट हाई वोल्टेज से भर जाएगा।
3. बीएसपी प्रबंधन की घोर लापरवाही
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीएसपी विद्युत विभाग ने काम आसान करने के लिए अर्थिंग तार को पास में मिले गेट से ही बांध दिया। कई बार मौखिक शिकायत के बाद भी इसे नहीं हटाया गया। “हादसा होने का इंतजार कर रहे हैं क्या?” – पालकों का सवाल।
4. बारिश में खतरा सबसे ज्यादा
मानसून में गेट, दीवार और जमीन गीली रहती है। ऐसे में करंट लगने का खतरा 10 गुना बढ़ जाता है। एक छोटा बच्चा भी इस गेट को छू ले तो जानलेवा साबित हो सकता है।
5. तत्काल कार्रवाई की मांग
पालक संघ और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि:
1. 12 घंटे के अंदर अर्थिंग तार को गेट से हटाकर नियमानुसार जमीन में शिफ्ट किया जाए2. गेट के आसपास बैरिकेड और “खतरा – हाई वोल्टेज” का बोर्ड लगाया जाए
3. लापरवाह अधिकारियों और बीएसपी प्रबंधन पर कार्रवाई हो







