गौरेला-पेंड्रा-मरवाही/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश का असर अब सड़क यातायात से लेकर जलाशयों और ग्रामीण इलाकों तक दिखाई देने लगा है। कई क्षेत्रों में बारिश के कारण सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। इसी बीच NH-45 पर भारी वाहनों के फंसने से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं गौरेला क्षेत्र में बारिश के बीच एक जर्जर मकान ढह गया।
NH-45 पर सफर बना मुश्किल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-45 की निर्माणाधीन सड़क बारिश के बाद कई जगहों पर दलदल में बदल गई है। सड़क पर जमा कीचड़ में भारी वाहनों के पहिए धंसने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई स्थानों पर वाहन बीच सड़क पर फंस जाने से यातायात की रफ्तार थम गई और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। इस मार्ग से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच बड़ी संख्या में यात्री तथा मालवाहक वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर यात्रियों और परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 24 घंटे के भीतर इस मार्ग पर कई बार यातायात बाधित हो चुका है।

बारिश में सड़क की हालत और खराब
NH-45 के निर्माणाधीन हिस्सों में मिट्टी और मुरुम डाले जाने के बाद बारिश होने पर कई जगहों पर सड़क कीचड़ में बदल गई। भारी वाहनों का वजन बढ़ने के कारण उनके पहिए सड़क में धंस रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम को देखते हुए सड़क निर्माण के दौरान पर्याप्त जल निकासी और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था जरूरी है। लोगों ने मांग की है कि कीचड़ वाले हिस्सों में मजबूत सामग्री डालकर सड़क को तत्काल आवागमन के लायक बनाया जाए।
गौरेला में जर्जर मकान बारिश के बीच ढहा
इधर, गौरेला क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच एक जर्जर मकान भरभराकर गिर गया। मकान पहले से कमजोर हालत में बताया जा रहा था। बारिश के कारण उसकी स्थिति और खराब हो गई, जिसके बाद वह ढह गया।
घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बनी। प्रशासन की ओर से जर्जर भवनों और बारिश के दौरान कमजोर हो चुके मकानों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत बताई जा रही है।
कोडार और खुड़िया बांध में बढ़ा पानी
लगातार बारिश का असर जलाशयों पर भी पड़ा है। कोडार डैम और खुड़िया बांध में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा है। जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन और स्थानीय लोगों की निगाह जलस्तर पर बनी हुई है।
बारिश जारी रहने की स्थिति में जलाशयों में और पानी आने की संभावना है। ऐसे में बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से जारी होने वाले निर्देशों पर नजर रखने और अनावश्यक रूप से जलाशयों तथा नदी-नालों के नजदीक नहीं जाने की सलाह दी जा रही है।
मौसम विभाग के अलर्ट से बढ़ी सतर्कता
छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन के सामने सड़क यातायात सुचारू रखने, जलभराव वाले इलाकों की निगरानी करने और जर्जर भवनों से लोगों को सुरक्षित रखने की चुनौती बनी हुई है।
बारिश ने जहां जलाशयों को भर दिया है, वहीं खराब और निर्माणाधीन सड़कों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। खासकर NH-45 पर बार-बार वाहनों के फंसने से इस महत्वपूर्ण मार्ग की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
नोट: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर नए शब्दों और स्वतंत्र प्रस्तुति में तैयार की गई है।







