पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूर्व पीएम इमरान खान को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। गुरुवार रात पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 1095 दिन बाद (3 साल) जेल से बाहर निकले। हालांकि 4 घंटे बाद वापस जेल पहुंच गए। इमरान खान को गुरुवार रात रावलपिंडी की अडियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया।इमरान के अस्पताल पहुंचते ही बिल्डिंग की सभी लाइट्स बंद कर दी गईं। हॉस्पिटल स्टॉफ के मोबाइल जमा करा लिए गए। गेट के बाहर मौजूद मीडियाकर्मियों को हटा दिया। जेल सूत्रों ने बताया कि उन्हें बेहद सख्त सुरक्षा के बीच जेल लाया गया और उनकी सेल में शिफ्ट कर दिया गया है।
इमरान खान को इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल आधी रात को मेडिकल चेकअप के लिए ले जाया गया। छह विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की। जांच के बाद उन्हें सख्त सुरक्षा में वापस जेल भेज दिया गया।
दरअसल सुप्रीम कोर्टने मंगलवार को आदेश दिया था कि इमरान खान को दो दिन के अंदर अस्पताल ले जाया जाए। उन्हें 16 सितंबर तक वहीं रखने को कहा गया था। हालांकि पाकिस्तान सरकार इमरान खान को अस्पताल में शिफ्ट न करके आधी रात के करीब मेडिकल जांच के लिए अदियाला जेल से शिफा इंटरनेशनल अस्पताल लेकर पहुंची। छह विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम उनकी जांच की। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह तय होगा कि उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत है या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की सेहत की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इमरान की बहन डॉ. उजमा खान और उनके निजी डॉक्टर को भी मेडिकल बोर्ड में शामिल करने को कहा है। मेडिकल बोर्ड में कई विशेषज्ञ डॉक्टर होंगे। वे मिलकर इमरान की पूरी जांच करेंगे और पुरानी मेडिकल रिपोर्ट भी देखेंगे। इसके बाद डॉक्टर पता लगाएंगे कि उन्हें क्या परेशानी है, ब्लड क्लॉट क्यों बन रहा है और आगे कोई खतरा तो नहीं है।
पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में फिर से रीव्यू पिटीशन दाखिल की है। इसमें मांग की गई है कि इमरान खान को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल भेजने के आदेश को बदला जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने शुरुआत में कहा था कि वह कोर्ट के आदेश को लागू करेगी। हालांकि, बाद में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रीव्यू पिटीशन दाखिल कर आदेश पर दोबारा विचार करने और इसे वापस लेने की मांग की।