तेहरान। ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को लेकर शुल्क व्यवस्था लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति समिति ने प्रस्तावित कानून के Article 3 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत ईरान उन देशों के जहाजों से विभिन्न सेवाओं के बदले शुल्क वसूल सकेगा, जिन्हें होर्मुज से गुजरने की अनुमति होगी।
किन सेवाओं के लिए लिया जाएगा शुल्क?
प्रस्ताव के अनुसार जहाजों से नेविगेशन, पर्यावरण संबंधी सेवाएं, विशेष परिस्थितियों में ईंधन, बीमा, सुरक्षा और अन्य समुद्री सेवाओं के लिए फीस ली जा सकती है। भुगतान ईरानी रियाल या तेहरान द्वारा निर्धारित किसी अन्य मुद्रा में किया जा सकेगा।
ईरान का कहना है कि यह व्यवस्था समुद्री मार्ग की सुरक्षा और तटीय देशों की संप्रभुता को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। प्रस्ताव में अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री आवागमन की स्वतंत्रता का भी उल्लेख किया गया है।
अभी पूरी तरह कानून नहीं बना
हालांकि, इस फैसले को अभी अंतिम कानून नहीं माना जा सकता। समिति से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव को पूरी संसद में मतदान से गुजरना होगा। इसके बाद इसे ईरान की Guardian Council की संवैधानिक समीक्षा और मंजूरी भी आवश्यक होगी।
शिपिंग कंपनियों के सामने बड़ी चुनौती
होर्मुज में शुल्क वसूली की योजना पहले से ही अंतरराष्ट्रीय शिपिंग उद्योग के लिए चिंता का विषय है। Reuters के अनुसार, संभावित शुल्क और ईरान पर लागू प्रतिबंधों के कारण भुगतान करने वाली कंपनियों के सामने वित्तीय और कानूनी जोखिम पैदा हो सकते हैं। वहीं Lloyd’s Market Association ने जुलाई में ऐसा मॉडल क्लॉज जारी किया था, जिसके तहत होर्मुज पार करने के लिए कुछ प्रकार के ट्रांजिट शुल्क का भुगतान करने पर बीमा कवरेज प्रभावित हो सकता है।
उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी
इस बीच ईरान के Ports and Maritime Organization ने चेतावनी दी है कि उसके होर्मुज प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाले जहाजों पर जुर्माना, हिरासत या भविष्य में मार्ग से प्रतिबंध जैसी कार्रवाई हो सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के प्रमुख ऊर्जा और व्यापारिक समुद्री मार्गों में से एक है। इसलिए यहां शुल्क और आवाजाही को लेकर ईरान की नई नीति का असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।







