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साइबर जागृति अभियान में जांजगीर-चांपा ने रचा इतिहास एक लाख से अधिक लोगों ने बांधी ‘साइबर जागृति राखी’, गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश

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संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल

जिला जांजगीर-चांपा , 27 अगस्त 2026। साइबर अपराधों से बचाव और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा जिले में चलाए गए ‘साइबर जागृति अभियान’ ने जनभागीदारी की एक नई मिसाल कायम की। गुरुवार को जिलेभर में आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन के साथ सामाजिक संगठनों, महिला समितियों, एनजीओ, महिला समूहों, सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

अभियान के दौरान एक लाख से अधिक लोगों ने एक-दूसरे को ‘साइबर जागृति राखी’ बांधकर साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश दिया। जिले के गांवों से लेकर शहरों तक चले इस अभियान ने डिजिटल सुरक्षा को जन-जन का विषय बना दिया।

इस ऐतिहासिक अभियान में महतारी सेवा समिति ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। समिति की महिलाओं ने अभियान के उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने और साइबर अपराधों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिलाओं ने ‘साइबर जागृति राखी’ बांधकर लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, ओटीपी एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करने तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल शिकायत करने का संदेश दिया।

पुलिस प्रशासन और सामाजिक संगठनों की संयुक्त पहल
जिले के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलेंडन यार्क सहित पुलिस विभाग की पूरी टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी तथा विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता ने अभियान को विशेष पहचान दिलाई।

अभियान का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा के संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना रहा। इसी भावना के साथ पुलिस जवानों, महिला संगठनों, एनजीओ, जनप्रतिनिधियों, सरकारी कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने मिलकर गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले और शहर-शहर लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया।
राखी बनी साइबर सुरक्षा का संकल्प

रक्षाबंधन के पवित्र पर्व की भावना से जोड़ते हुए ‘साइबर जागृति राखी’ को सुरक्षा और जागरूकता का प्रतीक बनाया गया। राखी बांधते समय लोगों को साइबर ठगी से बचने का संकल्प दिलाया गया। इस अनूठी पहल ने भाई-बहन के रिश्ते की तरह ही समाज में एक-दूसरे की डिजिटल सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने का संदेश दिया।
जिलेभर में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने यह साबित किया कि साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की जागरूकता और सतर्कता आवश्यक है।
जांजगीर-चांपा की उपलब्धि पर बधाई

‘साइबर जागृति अभियान’ की व्यापक सफलता और ऐतिहासिक जनभागीदारी के लिए पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, सामाजिक संगठनों, महिला समितियों, एनजीओ, सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों, महिला एवं पुरुष समूहों तथा अभियान से जुड़े प्रत्येक कार्यकर्ता को बधाई दी जा रही है।

महतारी सेवा समिति ने पुलिस प्रशासन एवं अभियान से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी की मेहनत, समर्पण और सामूहिक सहभागिता से जांजगीर-चांपा जिले ने साइबर जागरूकता के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार इस तरह बड़े पैमाने पर जनभागीदारी के साथ साइबर जागरूकता का संदेश घर-घर तक पहुंचना जिले के लिए गौरव का विषय है।

यह अभियान आने वाले समय में भी लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल संबंधित एजेंसियों को सूचना देने के लिए प्रेरित करेगा। जांजगीर-चांपा ने एक बार फिर साबित किया है कि जब प्रशासन और समाज एकजुट होकर किसी अभियान को जनआंदोलन का रूप देते हैं, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।

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