-एक ही जगह पर कुछ महीने में दूसरा हादसा, जर्जर तारों को लेकर लोगों में आक्रोश; मुआवजे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
रतनपुर। नगर में बिजली विभाग की कथित लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। रतनपुर थाना क्षेत्र के आठाबीसा मैदान के पास शुक्रवार देर रात 440 वोल्ट का LT विद्युत तार टूटकर जमीन पर गिर गया। तार में करंट प्रवाहित होने के कारण इसकी चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है।
मृतक की पहचान भेड़ीमुड़ा रतनपुर निवासी 47 वर्षीय ईश्वर अनंत, पिता जग्गू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ईश्वर शुक्रवार शाम रोज की तरह आठाबीसा तालाब स्थित मंदिर में पूजा करने गए थे। पूजा के बाद वह साइकिल से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान मुक्तिधाम के सामने सड़क से गुजर रहा बिजली का LT तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया। तार में करंट प्रवाहित होने के कारण साइकिल सवार ईश्वर उसकी चपेट में आ गए और करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
हादसे की जानकारी मिलते ही रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की और आगे की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक तौर पर पुलिस मामले को दुर्घटना मानकर जांच कर रही है। घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी को लेकर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
एक ही जगह पर दूसरा हादसा, बिजली विभाग पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी स्थान पर कुछ महीने पहले भी बिजली के तार से जुड़ी दुर्घटना हो चुकी है, इसके बावजूद विद्युत व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली के तार और खंभे लंबे समय से उचित रखरखाव की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, बिजली के तारों और कनेक्शन की स्थिति को लेकर CM हेल्पलाइन में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। उनका दावा है कि शिकायत के बाद संबंधित स्तर पर विद्युत कनेक्शन और तारों को सही बताया गया था। अब हादसे के बाद लोग विभागीय व्यवस्था और निरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
लोगों में आक्रोश, मुआवजे और जांच की मांग
हादसे के बाद स्थानीय मोहल्लेवासियों और नगरवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने बिजली विभाग पर समय पर मेंटेनेंस नहीं कराने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जर्जर तारों और विद्युत व्यवस्था की जांच व मरम्मत कर दी जाती, तो संभवतः इस तरह की घटना को टाला जा सकता था। लोगों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बिजली विभाग ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले में विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता राजेंद्र जगत ने कहा कि जर्जर तार को लेकर विद्युत सुरक्षा विभाग को अवगत कराया गया है। उन्होंने बताया कि सोमवार तक रिपोर्ट आने की उम्मीद है, जिसके बाद नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि घटना में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बिजली कंपनी की जांच के बाद उचित मुआवजा तय किया जाएगा।
सवाल जो जांच से मिलेंगे जवाब
इस हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस स्थान पर पहले भी ऐसी घटना हो चुकी थी, वहां विद्युत व्यवस्था की नियमित जांच और मेंटेनेंस क्यों नहीं हुआ? शिकायत के बावजूद तारों की स्थिति को सुरक्षित कैसे माना गया? क्या विद्युत विभाग के रिकॉर्ड में इस लाइन की स्थिति और रखरखाव का विवरण दर्ज है?
इन सवालों का जवाब विभागीय जांच और सुरक्षा रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल हादसे ने जर्जर विद्युत लाइनों की सुरक्षा और नियमित मेंटेनेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







