खिलेश साहू –
कुरूद:- ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत मंदरौद में दो शासकीय भवनों को कथित रूप से बिना शासकीय अनुमति, पंचायत प्रस्ताव एवं तकनीकी स्वीकृति के तोड़े जाने तथा भवनों से प्राप्त सामग्री की नीलामी किए बिना नियम विरुद्ध ठेका दिए जाने का मामला सामने आया है। मामले में शिकायत के बाद जनपद पंचायत कुरूद द्वारा जांच समिति गठित कर स्थल निरीक्षण एवं जांच कराई गई। अब शिकायतकर्ता ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत कुरूद को आवेदन देकर जांच से संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है।
शिकायत में शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग का आरोप
ग्राम मंदरौद निवासी खुमेश्वर साहू ने जनपद पंचायत कुरूद में शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ग्राम पंचायत मंदरौद में दो शासकीय भवनों को बिना आवश्यक शासकीय आदेश एवं पंचायत प्रस्ताव के तोड़ दिया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि भवनों को तोड़ने से पहले तकनीकी स्वीकृति तथा भवनों से निकलने वाली सामग्री की नियमानुसार नीलामी नहीं की गई। इसके अलावा मलबे की चोरी/गबन तथा शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच एवं जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत कुरूद द्वारा मामले की जांच के लिए अधिकारियों की टीम गठित की गई। जारी जांच आदेश में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में स्थल पर पहुंचकर दस्तावेजों एवं वास्तविक स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए गए थे।
19अगस्त को पहुंची जांच टीम
जारी आदेश के अनुसार जांच टीम ने 19 अगस्त 2026, बुधवार को सुबह 11 बजे ग्राम पंचायत भवन मंदरौद में पहुंचकर स्थल निरीक्षण एवं जांच की। जांच टीम में सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी शैलेन्द्र कुमार कंवर तथा सहायक विकास विस्तार अधिकारी सुरजभान साहू, जनपद पंचायत कुरूद शामिल रहे। जांच के दौरान संबंधित पंचायत के दस्तावेजों, भवनों को तोड़े जाने की प्रक्रिया तथा उससे संबंधित अनुमति एवं सामग्री की नीलामी आदि के संबंध में जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान ग्रामीणों की मौजूदगी में आवश्यक जानकारी एवं बयान दर्ज किए जाने की बात भी शिकायतकर्ता द्वारा अपने आवेदन में कही गई है।
पंचायत के पास आदेश और नीलामी संबंधी दस्तावेज नहीं होने का दावा
शिकायतकर्ता द्वारा सीईओ जनपद पंचायत कुरूद को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि जांच के दौरान ग्रामीणों की उपस्थिति में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित भवनों को तोड़े जाने के संबंध में पंचायत के पास कोई शासकीय आदेश नहीं था और न ही भवनों से निकली सामग्री की कोई आधिकारिक नीलामी की गई थी। हालांकि, इन आरोपों एवं जांच के दौरान सामने आए तथ्यों की अंतिम पुष्टि जांच समिति द्वारा तैयार किए जाने वाले आधिकारिक जांच प्रतिवेदन से होगी। फिलहाल शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर ही प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
जांच रिपोर्ट और पंचनामा की प्रमाणित प्रति मांगी
जांच के बाद शिकायतकर्ता खुमेश्वर साहू ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत कुरूद को आवेदन देकर मामले में तैयार किए गए दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है। आवेदन में विशेष रूप से स्थल निरीक्षण पंचनामा, जांच अधिकारियों की मुख्य जांच रिपोर्ट तथा जांच के दौरान दर्ज किए गए बयानों की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई हैं।शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उसे यह जानकारी मिलना आवश्यक है। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि जांच में सामने आए तथ्यों एवं उसके आधार पर की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
मामले में अब जांच समिति की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच रिपोर्ट में यदि भवनों को तोड़े जाने की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध विभागीय अथवा अन्य नियमानुसार कार्रवाई की स्थिति बन सकती है। वहीं यदि जांच में शिकायत के आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो उसकी स्थिति भी रिपोर्ट के माध्यम से स्पष्ट होगी।शिकायतकर्ता ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। अब जांच प्रतिवेदन में क्या निष्कर्ष सामने आता है और पंचायत स्तर पर की गई कार्रवाई को लेकर जनपद पंचायत क्या निर्णय लेता है, इस पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।







