-शिक्षक दिवस सह सम्मान समारोह में गुरुजनों को किया गया नमन, विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषि महाविद्यालय रायपुर के सस्य विज्ञान विभाग में पूर्व राष्ट्रपति एवं भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस सह सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में सस्य विज्ञान विभाग के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
समारोह में विभागाध्यक्ष सस्य विज्ञान डॉ. डी.के. चंद्राकर, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टूटेजा, डॉ. के.एल. नंदेहा सहित विभाग के वरिष्ठ एवं प्रमुख वैज्ञानिक, प्रधान वैज्ञानिक, सहायक प्राध्यापक, एसोसिएट प्राध्यापक एवं प्राध्यापक उपस्थित रहे। इसके अलावा कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. जी.पी. बंजारा, डॉ. (मेजर) जी.के. श्रीवास्तव, डॉ. एस. चितले, डॉ. एस.के. द्विवेदी, डॉ. एस.के. झा, डॉ. ए. टंडन, डॉ. नितीश तिवारी, डॉ. एस. अग्रवाल, डॉ. आर.एम. सावु, डॉ. एस. मलैया एवं डॉ. पी. पाण्डे सहित अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे।

गुरुजनों के योगदान को किया याद
कार्यक्रम में डॉ. चंद्रशेखर खरे ने सस्य विज्ञान विभाग के समस्त शोधार्थियों को विभाग की गरिमा एवं गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने तथा कृषकों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से समाज एवं कृषि क्षेत्र के विकास में अपना सर्वोत्कृष्ट योगदान देने का आह्वान किया।
डॉ. खरे ने सस्य विज्ञान विभाग के पूर्व स्वर्गीय प्रमुख वैज्ञानिक सह प्राध्यापक डॉ. सरावगी एवं डॉ. ए.पी. सिंह को नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सस्य विज्ञान विभाग के विकास में गुरुजनों के महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण किया तथा उनके मार्गदर्शन और योगदान को विभाग की उपलब्धियों की आधारशिला बताया।
किसानों के खेतों तक पहुंचे कृषि वैज्ञानिकों का ज्ञान
डॉ. खरे ने खाद्यान्न, दलहनी, तिलहनी एवं चारा फसलों के क्षेत्र में विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित वैज्ञानिक प्रबंधन एवं नवीन तकनीकों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उन्हें किसानों के खेतों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।
उन्होंने कृषकों के सर्वांगीण विकास में सस्य वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों और शोधार्थियों को कृषि एवं कृषक हित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों और शोधार्थियों को दिया आशीर्वाद
डॉ. खरे ने पीएचडी शोधार्थियों, एमएससी के शोधार्थियों एवं बीएससी कृषि के विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, उसमें सस्य विज्ञान विभाग के समस्त गुरुजनों के मार्गदर्शन एवं योगदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
शोधार्थियों और कार्यालयीन स्टाफ का रहा विशेष सहयोग
कार्यक्रम के आयोजन में एमएससी कृषि के विद्यार्थियों एवं पीएचडी शोधार्थियों के साथ सस्य विज्ञान विभाग के कार्यालयीन स्टाफ श्रीमती वी. बंजारे, श्री पी.एल. पटले, श्री संत भारती, श्री शैलेष, श्री वाल्टर एवं श्री चेतन की गरिमामयी उपस्थिति एवं सहयोग रहा।
कार्यक्रम का संयोजन एमएससी एवं पीएचडी के शोधार्थियों द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में रिसर्च स्कॉलर डॉ. अमरनाथ सोनकर, डॉ. भावना, डॉ. अंजलि, डॉ. रघुवेंद्र, डॉ. मुकेश, डॉ. तोषन, डॉ. दामिनी, डॉ. हर्ष लता एवं डॉ. रेड्डी का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. नेहा ने आभार प्रदर्शन किया। समारोह ने गुरु-शिष्य परंपरा, कृषि शिक्षा एवं कृषक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया।







