बालोद संवाददाता – शब्बीर कुरैशी
दल्ली राजहरा – दल्ली राजहरा नगर पालिका परिषद की मुख्य नगर पालिका अधिकारी की कार्यशैली को देखकर ऐसा लगता है मानो वह हवा में बैठकर ही सारा काम करना चाहती हैं। जमीन पर उतरकर शहर की हकीकत देखना उन्हें गंवारा नहीं है। इसका सबसे बड़ा सबूत नगर पालिका दफ्तर में सड़ रहे लाखों रुपए के वाहन हैं।
नगर पालिका को शासन ने शहर की साफ-सफाई और विकास के लिए लाखों रुपए की लागत वाला हाईवा ट्रक दिया है। जिस पर बड़े अक्षरों में “नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा जिला बालोद” लिखा है। लेकिन यह ट्रक आज तक सड़क पर नहीं उतरा। दफ्तर के पीछे झाड़ियों के बीच यह ट्रक कबाड़ बनता जा रहा है।

तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि हाईवा ट्रक के चारों तरफ घास और झाड़ियां उग आई हैं, टायर जमीन में धंस गए हैं और बॉडी में जंग लगने लगा है। यह ट्रक कचरा ढोने और बड़े मलबे को हटाने के काम आता है, लेकिन सीएमओ की लापरवाही के कारण यह शो-पीस बना हुआ है।
यही हाल जेसीबी मशीन का है। TEREX कंपनी की TX760 मॉडल की महंगी जेसीबी भी दफ्तर के कोने में खड़ी-खड़ी सड़ रही है। उसके टायरों में हवा नहीं है, लोहे में जंग लग गया है। यह मशीन नाली खोदने और मलबा हटाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है, पर इसका उपयोग ही नहीं किया जा रहा।
इसके अलावा नाला क्लीनिंग मशीन, ट्रैक्टर, पानी टैंकर भी इसी तरह कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। ये सभी वाहन जनता के टैक्स के पैसे से खरीदे गए हैं। लेकिन सीएमओ साहिबा को इनकी कोई चिंता नहीं। वह एसी ऑफिस में बैठकर सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर रही हैं।

शहर की हालत बद से बदतर होती जा रही है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, नालियां ओवरफ्लो हो रही हैं, वार्डों में मलबा पड़ा है। अगर यही हाईवा और जेसीबी सड़कों पर चलती तो शहर चमक जाता। लेकिन अधिकारी हवा में बैठकर काम करने की आदी हो गई हैं।
स्थानीय लोगों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि शासन के पैसे की ऐसी बर्बादी आज तक नहीं देखी। एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत मिशन पर जोर दे रही है, दूसरी तरफ सीएमओ शासन की मंशा पर पानी फेर रही हैं।
अब जनता ने मन बना लिया है कि इस पूरे मामले की शिकायत सीधे विभागीय मंत्री और बालोद कलेक्टर से की जाएगी। जनता की मांग है कि ऐसे लापरवाह अधिकारी को तुरंत हटाया जाए और दफ्तर में सड़ रहे सभी वाहनों को तुरंत सड़कों पर उतारा जाए।
फिलहाल तस्वीरें खुद अपनी कहानी बयां कर रही हैं और बता रही हैं कि कैसे दल्ली राजहरा नगर पालिका में शासन के लाखों रुपए को सड़ाया जा रहा है और मुख्य नगर पालिका अधिकारी कुंभकरण की नींद में सोई हुई हैं।







