जांजगीर-चांपा। पिकनिक की खुशियां कुछ ही पलों में मातम में बदल गईं। हसदेव नदी के देवरी-चिचौली पिकनिक स्पॉट पर सेल्फी लेने के दौरान शुरू हुआ हादसा तीन कॉलेज छात्रों की मौत के साथ समाप्त हुआ। लगातार चले करीब दो दिनों के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बचाव दल ने लापता दोनों छात्रों के शव भी बरामद कर लिए हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बिलासपुर के एक कॉलेज के छात्र-छात्राओं का समूह पिकनिक मनाने देवरी-चिचौली पहुंचा था। इसी दौरान नदी किनारे सेल्फी लेते समय एक छात्र का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज बहाव में चला गया। उसे बचाने के प्रयास में दो अन्य छात्र भी नदी में कूद पड़े, लेकिन नदी की तेज धारा ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया।
एक शव पहले मिला, फिर दो दिनों बाद पूरी हुई तलाश
हादसे के बाद पुलिस, SDRF और अन्य बचाव दलों ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पहले एक छात्र का शव बरामद किया गया था, जबकि दो अन्य छात्रों की तलाश लगातार जारी रही। रविवार सुबह बचाव दल को दोनों लापता छात्रों के शव भी मिल गए, जिसके बाद तीनों छात्रों की तलाश पूरी हो गई। रिपोर्टों के अनुसार दोनों शव नदी क्षेत्र में पत्थरों और कठिन स्थानों के आसपास फंसे हुए मिले, जिससे तलाश अभियान चुनौतीपूर्ण बना रहा।

पिकनिक पर पहुंचे थे 8 लोग, तीन छात्रों की चली गई जान
बताया गया है कि कॉलेज के छात्र-छात्राओं का समूह पिकनिक मनाने के लिए इस क्षेत्र में पहुंचा था। नदी का तेज बहाव और फिसलन भरे किनारे इस खूबसूरत पिकनिक स्पॉट को अचानक बेहद खतरनाक बना गए। हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान पवन लाल, सचिन सिंह और मुरारी साहू के रूप में बताई गई है। शवों को बरामद कर आगे की कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया के लिए भेजा गया है।
एक सेल्फी और तीन परिवारों का उजड़ गया संसार
यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि नदी किनारे सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी है। अक्सर पिकनिक स्पॉट और प्राकृतिक स्थलों पर युवा फोटो और सेल्फी के लिए खतरे की सीमा तक चले जाते हैं। तेज बहाव वाली नदी में एक छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।
इस मामले में सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि एक दोस्त को बचाने के लिए अन्य दो छात्रों ने भी अपनी जान जोखिम में डाल दी और देखते ही देखते तीन परिवारों के घरों में मातम पसर गया।
हसदेव नदी का यह हादसा प्रशासन और पर्यटकों, दोनों के लिए एक बड़ा सबक है। बरसात और तेज बहाव के दौरान लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट पर खतरनाक क्षेत्रों की स्पष्ट पहचान, चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा बैरिकेडिंग और आवश्यकतानुसार निगरानी बेहद जरूरी है। वहीं युवाओं को भी यह समझना होगा कि एक तस्वीर या सेल्फी किसी भी कीमत पर जीवन से अधिक महत्वपूर्ण नहीं हो सकती।
हसदेव की तेज धार में बह गए तीन युवा सपने—पिकनिक का दिन, सेल्फी का एक पल और फिर 48 घंटे तक चला इंतजार… अंत में तीन परिवारों तक पहुंची सिर्फ दर्दनाक खबर।







