साहित्य सृजन संस्थान रायपुर के आयोजन में कवियों ने बांधा समां, पूर्व IAS डॉ. संजय अलंग रहे मुख्य अतिथि
संवाददाता लक्ष्मीनारायण लहरे, रायपुर।
हिंदी दिवस की पूर्व संध्या और तीज पर्व की उमंग के बीच साहित्य सृजन संस्थान रायपुर द्वारा 49वीं मासिक काव्य संध्या का भव्य आयोजन विमतारा सभागार में किया गया। काव्य संध्या में सावन, तीज, कजरी, बेटियों के मायके आने की खुशी के साथ हिंदी भाषा के सम्मान और गौरव को केंद्र में रखकर कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम के दौरान सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व IAS डॉ. संजय अलंग रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में जनसंपर्क विभाग के संयुक्त संचालक धनंजय राठौर एवं अभिभावक स्कूल अछोटी की प्राचार्य शुभ्रा ठाकुर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्य सृजन संस्थान के अध्यक्ष वीर अजीत शर्मा ने की। मंच संचालन वरिष्ठ साहित्यकार उमेश कुमार सोनी ने किया।
तीज की उमंग और हिंदी का गौरव रहा आकर्षण
इस बार आयोजित काव्य संध्या को तीज पर्व और हिंदी दिवस से जोड़ा गया था। कवियों ने तीज के लोकगीत, कजरी और बेटियों के ससुराल से मायके लौटने की भावनाओं को अपनी रचनाओं में पिरोया। वहीं हिंदी को राष्ट्र की एकता और गौरव का प्रतीक बताते हुए भी कविताओं का पाठ किया गया।
कवियों की रचनाओं ने बांधा समां
काव्य पाठ के दौरान यशवंत कुमार चतुर्वेदी ने हिंदी और भारतीय भाषाओं की विविधता पर आधारित रचना प्रस्तुत की। डॉ. अर्चना पाठक ‘निरंतर’ ने हिंदी के सम्मान और उत्थान को अपनी कविता के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
रूनाली चक्रवर्ती ने तीज पर्व पर बेटियों के मायके लौटने की खुशी को अपनी रचना में जीवंत किया। वहीं राजकुमार धर द्विवेदी ने हिंदी को विश्व भाषा के रूप में स्थापित करने की भावना को कविता के माध्यम से सामने रखा।
सुषमा प्रेम पटेल ने हिंदी को देश की शान और एकता की पहचान बताया। शुभ्रा ठाकुर ने मिलन और सावन की भावनाओं से जुड़ी रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।
वरिष्ठ साहित्यकारों ने की शिरकत
कार्यक्रम में किशोर लालवानी, डॉ. ए.के. सिंह, सूरज प्रकाश सोनी, यशवंत स्वर्णकार, सुरेंद्र रावल, रवीश गुप्ता सहित वरिष्ठ साहित्यकार राजकुमार धर द्विवेदी और बड़ी संख्या में कवि-कवयित्रियों ने सहभागिता की।
ममता खरे ‘मधु’ सहित अन्य रचनाकारों ने भी सावन, कजरी, तीज और हिंदी दिवस से जुड़ी अपनी प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर पूर्व में आयोजित ओपन माइक कार्यक्रम के प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।







