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पीएम मोदी के जन्मदिन पर प्रशासनिक मशीनरी हाईजैक..यह जनसेवा नहीं, चापलूसी की पराकाष्ठा है: डॉ शिवकुमार डहरिया

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-सेवा संकल्प’ के नाम पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग, भाजपा की इवेंटबाज़ी से बदहाल हुआ देश-प्रदेश: डॉ. शिवकुमार डहरिया

रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘आशीर्वाद का दीया’ जैसे आयोजनों को जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका करार देते हुए डॉ. डहरिया ने कहा कि भाजपा सरकारें असली जन-समस्याओं को सुलझाने में पूरी तरह नाकाम हो चुकी हैं और अब अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए सरकारी तंत्र का बेजा इस्तेमाल कर रही हैं।
डॉ. शिवकुमार डहरिया ने छत्तीसगढ़ के निकायों और विभिन्न विभागों से जारी हो रहे निर्देशों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि “पूरे प्रदेश में नगर निगमों, नगर पालिकाओं और पंचायतों को जनसेवा छोड़कर भाजपा के राजनीतिक इवेंट मैनेजमेंट में झोंक दिया गया है। जिस प्रशासनिक अमले को जर्जर सड़कों, पानी की किल्लत, सफाई व्यवस्था और बुनियादी ढाँचे पर ध्यान देना चाहिए, उसे ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने और रैलियाँ आयोजित करने के फरमान थमाए जा रहे हैं।टैक्सपेयर्स के पैसों से चलने वाले निकायों को सत्ताधारी दल का ‘प्रचार विंग’ बना देना लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सीधा हनन है।”

ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने की साज़िश

पूर्व मंत्री ने देश और प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विज्ञापनों की चमक-दमक के पीछे जमीनी हकीकत को छुपाया नहीं जा सकता। प्रदेश और देश का युवा उच्च शिक्षा और डिग्रियाँ हाथ में लेकर सड़कों पर भटक रहा है। रोजगार देने के बजाय सरकार सिर्फ बड़े-बड़े आयोजनों और विज्ञापनों में व्यस्त है।रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और राशन के दाम आसमान छू रहे हैं। आम नागरिक और मध्यम वर्ग का जीवन दूभर हो चुका है, लेकिन सरकार राहत देने के बजाय उत्सवों पर करोड़ों रुपये लुटा रही है। किसान खाद, बीज और फसलों का उचित मूल्य पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष कटआउट्स और होर्डिंग्स लगाकर केवल अपनी ब्रांडिंग में मस्त है।

“इवेंट से देश नहीं चलता, जन-सरोकार से चलता है”

डॉ. डहरिया ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री और राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 17 सितंबर से चलाए जा रहे इस तथाकथित ‘सेवा पखवाड़े’ का उद्देश्य जनसेवा नहीं, बल्कि केवल एक व्यक्ति की आत्म-मुग्धता और राजनीतिक री-ब्रांडिंग है।
उन्होंने चेतावनी दी कि छत्तीसगढ़ की जागरूक जनता और देश का हर वर्ग भाजपा के इस “इवेंट-जीवी” रवैये और प्रशासनिक तानाशाही को भली-भांति समझ चुका है। आने वाले समय में जनता इस आत्म-मुग्ध राजनीति का करारा जवाब देगी।

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