विमल सोनी/रतनपुर (बिलासपुर): ज्ञान, समृद्धि और विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के आगमन के साथ ही ऐतिहासिक नगरी रतनपुर में गणेशोत्सव की भव्य और उत्साहपूर्ण शुरुआत हो चुकी है। इन 10 दिनों के लिए पूरा शहर “गणपति बप्पा मोरया” और “मंगलमूर्ति मोरया” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा है।
प्रमुख पंडाल और समितियों में उत्साह
रतनपुर का हर मोहल्ला और चौक इस समय गणपति की भक्ति में डूबा हुआ है। शहर की प्रमुख पूजा समितियों द्वारा बेहद आकर्षक और भव्य पंडाल तैयार किए गए हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- पुराना बस स्टैंड ब्रज गणेश उत्सव समिति
- पुराना बस स्टैंड गज किला मित्र मंडली गणेश उत्सव समिति
- महामाया का राजा (महामाया गणेश उत्सव समिति)
- हाई स्कूल गणेश उत्सव समिति
- सोनार पारा गणेश उत्सव समिति
- गांधीनगर गणेश उत्सव समिति
- करेहय्या पारा गणेश उत्सव समिति
- रेस्ट हाउस गणेश उत्सव समिति
- मेला भाठा गणेश उत्सव समिति
- पुराना पोस्ट ऑफिस गणेश उत्सव समिति (इसके अलावा अन्य मोहल्लों में भी उत्सव की धूम है)

शाही दरबार और आधुनिक झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। पंडालों को बेहद खूबसूरत ढंग से सजाया गया है:
- कहीं भगवान बप्पा को फूलों से सजे शाही दरबार में विराजमान किया गया है।
- कहीं अद्भुत विद्युत सज्जा (लाइटिंग) और आधुनिक तकनीकी झांकियां लोगों का मन मोह रही हैं।
- शाम ढलते ही महाआरती के समय पंडालों में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ रहा है।
गाजे-बाजे के साथ हुआ बप्पा का स्वागत
गणेश चतुर्थी के दिन सुबह से ही मूर्तिकारों की दुकानों पर भक्तों का तांता लगा रहा। लोग ढोल-नगाड़ों, ताशों की गूंज और गुलाल उड़ाते हुए उत्साह के साथ बप्पा की मनमोहक प्रतिमाओं को अपने घरों और पंडालों तक लेकर आए। इसके बाद पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ गणपति जी की प्राण-प्रतिष्ठा की गई और उन्हें मोदक व लड्डू का भोग लगाया गया।
घर-घर में विराजे ‘सिद्धि विनायक’
सार्वजनिक पंडालों के साथ-साथ इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने घरों में इको-फ्रेंडली (मिट्टी के) गणेश जी की स्थापना की है। हर परिवार में सुबह-शाम सामूहिक आरती और भजन-कीर्तन का दौर चल रहा है, जिससे पूरा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।
सुरक्षा और प्रशासन के कड़े इंतजाम
उत्सव के दौरान शहर में शांति, कानून व्यवस्था और सुचारू यातायात बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है। प्रमुख पंडालों और संवेदनशील चौकों पर सीसीटीवी कैमरों और पुलिसकर्मियों के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के बप्पा के दर्शन कर सकें।
यह 10 दिवसीय धार्मिक और सांस्कृतिक गणेशोत्सव आगामी अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ संपन्न होगा, तब तक रतनपुर शहर इसी तरह भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा रहेगा।







