बांकीमोंगरा / कोरबा: एसईसीएल (SECL) के सुराकछार-बलगी-बांकी उपक्षेत्र की कॉलोनियों में साफ-सफाई और रखरखाव की व्यवस्था बद से बदतर हो गई है। विभागीय निरीक्षण में काम बेहद असंतोषजनक मिलने और प्रबंधन द्वारा कड़े नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जमीनी हालात सिफर नजर आ रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासियों और कर्मचारियों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
1. कागजों पर सफाई, धरातल पर कचरे के ढेर और लापरवाही
एसईसीएल के विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, बांकी टाउनशिप के आवासीय क्वार्टरों, नालियों और अस्पताल परिसर की सफाई का ठेका बरुण गोस्वामी कंस्ट्रक्शन के पास है। वहीं, सुराकछार टाउनशिप की जिम्मेदारी एम/एस योगेश कुमार सिंह को सौंपी गई है।
- औचक निरीक्षण के दौरान दोनों ही क्षेत्रों में साफ-सफाई की पोल खुल गई। कटाईनार और घुरदेवा कॉलोनियों में भी व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमराई मिलीं।
- प्रबंधन ने पहले मौखिक चेतावनियों के बाद अब लिखित निर्देश जारी कर पर्याप्त मैनपावर और मशीनें लगाने को कहा था, लेकिन इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
2. मजबूरी: खुद के पैसों से सफाई कराने को विवश लोग!
स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि स्थानीय कर्मचारियों और निवासियों के बीच चर्चा है कि नियमित सफाई न होने पर कई जगहों पर लोग खुद अपनी जेब से पैसे खर्च कर निजी सफाई कराने को मजबूर हो रहे हैं। ठेका होने और इसके एवज में भारी-भरकम भुगतान के बावजूद ऐसी स्थिति सामने आना ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर बड़ा और गंभीर सवालिया निशान लगाता है।
3. जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ और बीमारियों का खतरा
बरसात के इस मौसम में नालियों की समय पर सफाई और कचरे का उठाव न होने से जलभराव, मच्छरों के प्रकोप और गंभीर संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से मंडरा रहा है। जानकारों का कहना है कि टाउनशिप की सफाई को केवल एक मामूली ठेका कार्य नहीं, बल्कि सीधे तौर पर हजारों रहवासियों के जनस्वास्थ्य से जुड़ी संवेदनशीलता के रूप में देखा जाना चाहिए।
अब बड़ा सवाल:
जब अधिकारी निरीक्षण में कमियां पकड़ चुके हैं, लिखित नोटिस थमाया जा चुका है, तो फिर नियमों को ताक पर रखकर लापरवाही बरतने वाले ऐसे ठेकेदारों पर गाज कब गिरेगी?
स्थानीय स्तर पर अब यह मांग जोर पकड़ रही है कि यदि ठेकेदार अनुबंध के नियमों पर खरे नहीं उतर रहे हैं, तो उन पर पेनाल्टी लगाने के साथ-साथ उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कड़ी कार्रवाई की जाए।







