संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
बिहान योजना बनी तरक्की का सहारा, मेहनत से संवारी परिवार की आर्थिक स्थिति
बिलासपुर, 7 नवंबर 2026/ खेतों में खिलते गेंदे के फूल और लहलहाती सब्जियां अब हामेश्वरी साहू के लिए केवल फसल नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और खुशहाली की नई पहचान बन गई हैं। बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम कछार की हामेश्वरी ने बिहान योजना से मिली आर्थिक सहायता को अपनी मेहनत और लगन से सफलता में बदल दिया है। सब्जी और गेंदे की खेती से हो रही अच्छी आमदनी ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती दी है। कभी आजीविका के लिए आर्थिक सहयोग की जरूरत महसूस करने वाली हामेश्वरी आज अपनी मेहनत के बल पर परिवार की खुशहाली में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
ग्राम कछार निवासी हामेश्वरी साहू मां दुर्गा स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार के लिए ऋण सहायता मिली। इस राशि से उन्होंने सब्जी और गेंदे की खेती शुरू की। उनकी मेहनत रंग लाई और खेती आय का अच्छा जरिया बन गई। इससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ी, बल्कि परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिली। खेती से मिली सफलता ने उन्हें आगे बढ़ने का नया हौसला दिया है।
हामेश्वरी बताती हैं कि बिहान योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। योजना से मिली ऋण सहायता ने उन्हें अपनी आजीविका शुरू करने का अवसर दिया। आज वे सब्जी और गेंदे की खेती से अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं। आर्थिक रूप से सक्षम होने के साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अब वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने में अपनी भागीदारी निभा रही हैं और स्वयं को पहले से अधिक आत्मनिर्भर महसूस करती हैं।
हामेश्वरी की सफलता ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है। उनकी कहानी बताती है कि अवसर और आर्थिक सहयोग मिले तो महिलाएं अपनी मेहनत से आत्मनिर्भरता की राह बना सकती हैं। बिहान योजना के माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियां अपनाकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ अपनी अलग पहचान भी बना रही हैं। हामेश्वरी साहू ने बिहान योजना से मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।







