आरंग। विकासखंड आरंग में आयोजित ‘उल्लास नवभारत साक्षरता महापरीक्षा’ जन-जन के लिए ज्ञान और स्वाभिमान का बड़ा उत्सव साबित हुई। परीक्षा को लेकर ग्रामीण अंचलों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला, जहां सदियों से निरक्षरता का दंश झेल रहे बड़े-बुजुर्गों और महिलाओं ने परीक्षा केंद्र पहुंचकर पूरे आत्मविश्वास के साथ कलम थामी। परीक्षा से पूर्व स्वयंसेवी शिक्षकों और ग्राम प्रभारियों ने परंपरा अनुसार कुमकुम-चंदन का तिलक लगाकर परीक्षार्थियों को आत्मीय निमंत्रण दिया, जिससे ग्रामीणों में इस महाअभियान के प्रति गहरा जुड़ाव देखने को मिला।
निरीक्षण के दौरान रानीसागर, समोदा ,खमतराई, गुखेरा, बोहारडीह, रसनी, बोडरा आदि में परीक्षा का दृश्य बेहद प्रेरणादायी रहा। यहां सास-बहू की जोड़ियों से लेकर वयोवृद्ध ग्रामीणों ने अत्यंत प्रसन्नता के साथ परीक्षा दी। परीक्षा कक्ष से बाहर निकले बुजुर्गों के चेहरों पर आत्मनिर्भरता की चमक साफ दिखाई दे रही थी। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि “अब अंगूठा नहीं कलम चलाना है।” ग्रामीणों ने साक्षरता के इस प्रयास को समाज के लिए बेहद नेक और जीवन बदलने वाला कार्य बताया।

इस वृहद महापरीक्षा मे 6000 से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुवे एवं सफल आयोजन विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक सुरेंद्र सिंह चंद्रसेन, साक्षरता नोडल अलंकार परिहार एवं डोमार वर्मा,साक्षरता प्रचार प्रसार प्रभारी अरविन्द वैष्णव एवं महेंद्र पटेल,ग्राम प्रभारी गण,संकुल समन्वयक गण सभी के साझे प्रयासों से यह साक्षरता परीक्षा केवल एक मूल्यांकन न रहकर समाज में ज्ञान की नई रोशनी फैलाने वाला जनआंदोलन बन गई।







