जांजगीर-चांपा:
“वोट चोरी” के गंभीर खुलासों, मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग तथा उनके द्वारा लिए गए निर्णयों की उच्चस्तरीय समीक्षा को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी जांजगीर-चांपा के अध्यक्ष श्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में आज कलेक्टोरेट का जोरदार घेराव किया गया।
रैली और पुतला दहन:
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत में जिले के सभी कांग्रेसजन मदनलाल के बंद पेट्रोल पंप के पास एकत्रित हुए। यहाँ से एक विशाल रैली की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट चौक पहुँचे। चौक पर पहुँचकर कांग्रेसजनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया और जमकर रोष व्यक्त किया।
कलेक्टर कार्यालय का घेराव और भारी पुलिस बल:
पुतला दहन के पश्चात सभी कांग्रेसजन रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़े। प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और कलेक्ट्रेट के सामने बैरिकेडिंग कर कांग्रेसजनों को रोकने का कड़ा प्रयास किया गया।

गेट पर ही सौंपा गया ज्ञापन:
प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच कलेक्टर कार्यालय के गेट पर ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने पहुंचकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल और जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप से चर्चा की और वहीं पर उनका ज्ञापन स्वीकार किया।
इस दौरान आयोजित सभा और चर्चा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कड़े शब्दों में अपनी बात रखी:
राजेश अग्रवाल (जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष):
जिलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कलेक्टोरेट घेराव के दौरान कड़े शब्दों में कहा कि चुनाव आयोग जैसी निष्पक्ष संवैधानिक संस्था को एक व्यक्ति विशेष द्वारा हाइजैक कर मनमाने फैसले लेना लोकतंत्र के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने “वोट चोरी” के खुलासों और मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की मांग की।
व्यास कश्यप (विधायक, जांजगीर-चांपा):
जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि जनता के मताधिकार की रक्षा करना और संविधान को बचाना कांग्रेस पार्टी का मुख्य कर्तव्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के भीतर अन्य आयुक्तों की आपत्तियों को दरकिनार कर तानाशाही पूर्ण तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं, जिसे जांजगीर-चांपा की जनता और कांग्रेस पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
दिनेश शर्मा (पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष):
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कार्यकाल में लिए गए तमाम फैसलों और वोटर लिस्ट में किए गए संदेहास्पद बदलावों की उच्चस्तरीय व स्वतंत्र न्यायिक समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता बहाल नहीं होती और दोषीिकयों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक कांग्रेस का यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश सचिव हरप्रसाद साहू, रमेश पैगवार, रफीक सिद्दकी, नागेन्द्र गुप्ता, कन्हैया राठौर, किशन सोनी, भगवान दास गड़ेवाल, अजीत राणा, ब्लॉक अध्यक्षगण – रामबिलास राठौर, सुनील साधवानी, प्रकाश तिवारी, गौरव सिंग, नवल सिंह ठाकुर, जितेंद्र वर्मा, जिला पंचायत सदस्य लोकेश राठौर, ज्योति किशन कश्यप, माधुरी आदित्य, पंकज शुक्ला, सेवक देवांगन, अजय दिव्य, नेहा केसरवानी, सीमा शर्मा, काजल सिंह, किसान सोनी, हरीश पाण्डेय, राज सरोज, अंजली देवांगन, गीता सोनी, समिष्ट कंसारी, राज अग्रवाल, शकुंतला खरे, परमेश्वर निर्मले, अक्षय टेकाम, चंद्र प्रकाश ओगे, विष्णु यादव, अरमान खान, राजेंद्र यादव, पुनीराम देवांगन, कविता देवांगन, कमल साव, राकेश जोशी, गिरधर देवांगन, डॉ संतोष यादव, दीपक बरेठ, ध्रुव यादव सहित जिले भर से बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







