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बिलासपुर में रफ्तार का कहर: कार की छत पर उछलकर गिरा इंजीनियर, बाइक को 50 मीटर तक घसीटती रही कार

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-नाबालिग के कार चलाने का आरोप, CCTV फुटेज सामने आने के बाद परिजनों ने उठाए सवाल; कॉलोनी में तेज रफ्तार वाहन चलाने से लोगों में दहशत

योगेन्द्र राठौर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। सरकंडा थाना क्षेत्र की स्वर्णिमा एरा कॉलोनी में एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार इंजीनियर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक चला रहा युवक करीब पांच फीट हवा में उछलकर कार की छत पर जा गिरा। इसके बाद भी कार नहीं रुकी और बाइक को लगभग 50 मीटर तक घसीटते हुए आगे निकल गई। हादसे में इंजीनियर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद हादसे की भयावहता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मामले में कार एक नाबालिग द्वारा चलाए जाने का आरोप लगाया गया है। वहीं, घायल के परिजनों ने पुलिस की एफआईआर में संबंधित लोगों के नाम दर्ज नहीं होने को लेकर सवाल उठाए हैं।

सामने से आई कार ने बाइक को मारी टक्कर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिरगिट्टी के गणेश नगर स्थित अन्नपूर्णा कॉलोनी निवासी साहिल खान ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। साहिल डीपी कॉलेज में एमए का छात्र है, जबकि उसका बड़ा भाई समीर खान फ्लिपकार्ट में इंजीनियर के पद पर कार्यरत है।

बताया गया कि 12 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे समीर खान मोटरसाइकिल क्रमांक CG 10 AW 2894 से ड्यूटी के सिलसिले में स्वर्णिमा एरा की ओर जा रहा था। इसी दौरान गीतांजलि सिटी के पास सामने से आ रही कार क्रमांक CG 10 BE 1235 ने उसकी बाइक को दाहिनी तरफ से जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण कि हवा में उछलकर कार की छत पर गिरा युवक

हादसे के सीसीटीवी फुटेज में कार तेज रफ्तार से आती दिखाई देने की बात कही जा रही है। टक्कर लगते ही बाइक सवार समीर खान उछलकर कार की छत पर जा गिरा। इसके बावजूद कार चालक ने तत्काल वाहन नहीं रोका। कार बाइक को करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए आगे बढ़ गई।

इस दुर्घटना में समीर के पैर में गंभीर चोट आई है। उसे तत्काल उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

समीर के भाई साहिल खान का कहना है कि यदि टक्कर के बाद उनका भाई कार के सामने गिर जाता, तो वाहन उसके ऊपर चढ़ सकता था और परिणाम कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे।

कार में तीन लोगों के सवार होने की जानकारी, नाबालिग के वाहन चलाने का आरोप

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना के समय कार में तीन लोग सवार थे। आरोप है कि कार एक नाबालिग चला रहा था, जो कथित तौर पर लोयला स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र है। कार में सवार दूसरे नाबालिग के बिड़ला माइंड स्कूल में पढ़ने की जानकारी सामने आई है। तीसरे बालक के संबंध में फिलहाल स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

हालांकि, वाहन कौन चला रहा था और दुर्घटना के लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।

एफआईआर में नाम दर्ज नहीं होने पर परिजनों ने उठाए सवाल

घटना के अगले दिन साहिल खान की शिकायत पर सरकंडा पुलिस ने मामला दर्ज किया। हालांकि, शिकायतकर्ता ने एफआईआर में संबंधित व्यक्तियों के नाम दर्ज नहीं होने को लेकर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

अब इस मामले में पुलिस जांच के निष्कर्ष और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।

कॉलोनी में तेज रफ्तार वाहनों से रहवासी परेशान

गीतांजलि सिटी और स्वर्णिमा एरा कॉलोनी के रहवासियों ने भी संकरी सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने की घटनाओं पर चिंता जताई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनी की गलियों में कुछ नाबालिग कार और बाइक तेज गति से चलाते हैं, जिससे पैदल चलने वाले लोगों और अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।

रहवासियों के अनुसार, ऐसे वाहन चालकों को रोकने या समझाने पर विवाद की स्थिति भी बन जाती है। लोगों का मानना है कि रिहायशी इलाकों में वाहन गति पर नियंत्रण और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।

जुलाई में भी नाबालिगों की कार से हुई थी छात्र की मौत

बिलासपुर में नाबालिगों के वाहन चलाने का मुद्दा पहले भी गंभीर रूप ले चुका है। 12 जुलाई को वेयरहाउस रोड पर सुबह करीब 7:30 बजे कार क्रमांक CG 10 BH 7752 ने एक स्कूटी को टक्कर मार दी थी। उस हादसे में स्कूटी सवार छात्र की मौत हो गई थी। उस मामले में भी कार नाबालिगों द्वारा चलाए जाने की जानकारी सामने आई थी।

घटना के बाद नाबालिगों को वाहन उपलब्ध कराने वाले अभिभावकों की जिम्मेदारी तय करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी थी। एसएसपी रजनेश सिंह ने भी नाबालिगों को वाहन देने वाले परिजनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

इसके बावजूद अब सरकंडा क्षेत्र में एक और गंभीर सड़क हादसा सामने आने से नाबालिगों के वाहन चलाने और रिहायशी इलाकों में तेज रफ्तार पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल घायल इंजीनियर का अस्पताल में उपचार जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, अभिभावकों की जिम्मेदारी और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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