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कोसीर में ऐतिहासिक गढ़-विच्छेदन दशहरा उत्सव और परसा के फूल लोक कला मंच की रंगारंग प्रस्तुति, विधायक उत्तरी जांगड़े ने दी बधाई …

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संवाददाता – लक्ष्मीनारायण लहरे
सारंगढ़। जिला मुख्यालय सारंगढ़ की सांस्कृतिक नगरी के रूप में पहचान रखने वाले ग्राम कोसीर में इस वर्ष भी दशहरा पर्व पर ऐतिहासिक गढ़-विच्छेदन उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और परंपरागत उत्साह के साथ मनाया गया। स्थानीय हाई स्कूल मैदान में आयोजित इस मुख्य आयोजन में जहां एक ओर सारंगढ़ रियासत कालीन गढ़-विच्छेदन की परंपरा का निर्वहन किया गया, वहीं दूसरी ओर संस्कृति विभाग के सहयोग से सांस्कृतिक कार्यक्रम ने पूरे माहौल को भक्तिमय और मनोरंजक बना दिया।
सारंगढ़ रियासत में गढ़-विच्छेदन का ऐतिहासिक महत्व रहा है और सारंगढ़ के मुख्य गढ़ उत्सव के समकक्ष ही कोसीर गांव के गढ़ उत्सव को माना जाता है। यही कारण है कि हर वर्ष यहां दशहरा पर इस उत्सव को देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस वर्ष भी परंपरा के अनुसार शाम को गांव में कर्मा नृत्य दल नाचते-गाते हुए हाई स्कूल मैदान पहुंचा, जहां गढ़ का निर्माण किया गया था।
परसा के फूल मंच ने बांधा समां
इस वर्ष के कार्यक्रम की सबसे खास बात रही परसा के फूल लोक कला मंच द्वारा दी गई सांस्कृतिक प्रस्तुति। यह कार्यक्रम संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ और सारंगढ़ विधायक श्रीमती उत्तरी जांगड़े के सौजन्य से आयोजित किया गया था। मंच के कलाकारों ने कर्मा, सुआ, डंडा और राउत नाचा सहित छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की ऐसी मनमोहक प्रस्तुति दी कि दर्शक देर रात तक मंत्रमुग्ध होकर बैठे रहे। ढोल-मांदल की थाप पर कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू को जीवंत कर दिया।
विधायक सहित कई अतिथि रहे मौजूद
सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सारंगढ़ विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े शामिल हुईं। उनके साथ विधायक प्रतिनिधि गनपत जांगड़े, जनपद पंचायत सदस्य हिरा भैरवनाथ जाटवर, कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता विष्णु चंद्रा, ग्राम पंचायत कोसीर की सरपंच सुमन राजेंद्र राव, उप सरपंच लता पोलेश्वर बनज, समस्त पंचगण, पत्रकार गोल्डी कुमार लहरे, अशोक वर्मा सहित गांव के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ से पूर्व गांव की सरकार यानी सरपंच, उप सरपंच एवं पंचों द्वारा सभी अतिथियों का पुष्पमाला, गुलदस्ता भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया।
अपने उद्बोधन में विधायक श्रीमती उत्तरी जांगड़े ने समस्त ग्रामवासियों को शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कोसीर की यह सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपरा पूरे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए गौरव का विषय है और इसे सहेज कर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने परसा के फूल लोक कला मंच के कलाकारों की भी सराहना की।
करन कुर्रे ने जीती गढ़ दौड़
गढ़-विच्छेदन उत्सव के मुख्य आकर्षण गढ़ दौड़ में इस वर्ष कुल 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच बालपुर गांव के युवा करन कुर्रे ने सबसे तेज दौड़कर गढ़ का विच्छेदन किया और विजेता बने। ग्राम पंचायत कोसीर की ओर से उन्हें 3100 रुपये नगद राशि और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। जीत के बाद विजेता सैनिक के साथ सभी ग्रामीण गांव की आराध्य देवी ऐतिहासिक मां कौशलेश्वरी मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना कर गांव की सुख-समृद्धि की कामना की।
उल्लेखनीय है कि कोसीर गांव में पूरे शारदीय नवरात्रि के दौरान विविध धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था, जिसका समापन दशहरा के इस ऐतिहासिक गढ़-विच्छेदन उत्सव के साथ हुआ।

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