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सरदार पटेल के आदर्शों से सामाजिक एकता और विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प मजबूत होगा : मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

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आरंग संवाददाता – सोमन साहू
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की गरिमामयी उपस्थिति में होगा नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण एवं भूमिपूजन
छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के भव्य आयोजन में शामिल होंगे कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब 
31 अक्टूबर को नरदहा, रायपुर में होगा आयोजन, सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक गौरव और विकास का दिया जाएगा संदेश
रायपुर, 28 अक्टूबर 2026। लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 151वीं जयंती के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज द्वारा आगामी 31 अक्टूबर 2026, शनिवार को बहुउद्देशीय भवन, नरदहा, रायपुर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर पुण्य स्मरण समारोह, बहुउद्देशीय भवन के नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण, प्रस्तावित भवन का भूमिपूजन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अध्यक्ष श्री खोड़े़दास राम कश्यप जी करेंगे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी, राजस्व मंत्री श्री टंकाराम वर्मा जी, रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल जी, दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल जी  तथा राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा जी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
सरदार पटेल का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और संगठन की शक्ति का प्रतीक
लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी का जीवन राष्ट्रसेवा, दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और संगठन की शक्ति का अनुपम उदाहरण है। स्वतंत्रता के बाद देश की रियासतों के एकीकरण में उनकी ऐतिहासिक भूमिका ने भारत की एकता और अखंडता को मजबूत आधार प्रदान किया। उनके विचार आज भी देशवासियों को सामाजिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित, जनसेवा और सामूहिक विकास के लिए कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा कि महापुरुषों की जयंती केवल उनके योगदान को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प भी है। सरदार पटेल जी ने अपने कार्यों से यह संदेश दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मजबूत संगठन और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। आज समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए भी इसी भावना को आत्मसात करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है। जब समाज अपने साझा उद्देश्यों को लेकर संगठित होता है, शिक्षा और संस्कारों को प्राथमिकता देता है तथा नई पीढ़ी को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराता है, तब विकास की संभावनाएं और अधिक मजबूत होती हैं।
कुर्मी समाज की एकजुटता, गौरवशाली परंपरा और संगठनात्मक शक्ति को मिलेगा नया मंच
छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज प्रदेश की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समाज की परंपराएं परिश्रम, कृषि संस्कृति, सामाजिक सहभागिता, संगठन और सामूहिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों से जुड़ी रही हैं। समाज के महापुरुषों और प्रेरणास्रोत व्यक्तित्वों के विचारों को आगे बढ़ाना तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी विरासत से परिचित कराना सामूहिक प्रगति के लिए आवश्यक है। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक उन्नति उसके लोगों की शिक्षा, जागरूकता, संगठन, सामाजिक समरसता और सेवा भावना से होती है। समाज के वरिष्ठजनों का अनुभव, युवाओं की ऊर्जा और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी मिलकर सामाजिक विकास को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों का दायित्व केवल आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, युवाओं के मार्गदर्शन, सामाजिक जागरूकता और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्यों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब समाज के लोग आपसी सहयोग और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते हैं, तो उसका लाभ पूरे समुदाय और प्रदेश को मिलता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकास और जनकल्याण के संकल्प को मजबूती
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के समग्र विकास, जनकल्याण, सामाजिक सशक्तीकरण, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश की विकास यात्रा में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करना और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना महत्वपूर्ण है। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा कि सरकार और सामाजिक संगठनों के बीच सकारात्मक समन्वय प्रदेश की प्रगति को नई गति प्रदान कर सकता है। सरकार नीतियों और योजनाओं के माध्यम से विकास का मार्ग प्रशस्त करती है, जबकि सामाजिक संगठन जागरूकता, जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों के जरिए इन पहलों को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने में सहयोग कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब प्रदेश का प्रत्येक समाज शिक्षा, रोजगार, सामाजिक समरसता और विकास के अवसरों से जुड़ेगा। सामाजिक संस्थाओं को भी चाहिए कि वे युवाओं को आगे बढ़ने, प्रतिभाओं को निखारने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करें।
नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण और प्रस्तावित भवन का भूमिपूजन होगा प्रमुख आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान बहुउद्देशीय भवन के नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण तथा प्रस्तावित भवन का भूमिपूजन किया जाएगा। किसी भी सामाजिक संगठन के लिए भवन केवल एक भौतिक संरचना नहीं, बल्कि विचार-विमर्श, सामाजिक संवाद, सांस्कृतिक गतिविधियों, सामूहिक आयोजनों और भावी योजनाओं के निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। ऐसे भवन समाज के लोगों को एक साझा मंच उपलब्ध कराते हैं, जहां सामाजिक विषयों पर चर्चा, युवाओं का मार्गदर्शन, प्रतिभाओं का सम्मान और जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। इन सुविधाओं के विकास से समाज की संगठनात्मक गतिविधियों को व्यवस्थित स्वरूप देने तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में मदद मिलेगी। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं का सशक्त होना समाज की सामूहिक प्रगति के लिए आवश्यक है। भवनों और संस्थागत संसाधनों का वास्तविक महत्व तब बढ़ता है, जब उनका उपयोग समाज के हित, शिक्षा, संस्कार, जनसेवा और रचनात्मक गतिविधियों के लिए किया जाता है।
डॉ. खूबचंद बघेल शिक्षण समिति की रजत जयंती पर सांस्कृतिक कार्यक्रम
डॉ. खूबचंद बघेल शिक्षण समिति की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम समाज की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और सामूहिक पहचान को सहेजने के साथ नई पीढ़ी को सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगा। सांस्कृतिक आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाते हैं और आपसी सद्भाव, सहयोग तथा भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। ऐसे मंच युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और समाज के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने का अवसर भी प्रदान करते हैं। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा कि संस्कृति और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। अपनी परंपराओं का सम्मान करते हुए शिक्षा, कौशल, रोजगार और आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ना समय की आवश्यकता है। समाज की नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों, सामाजिक जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण के महत्व से परिचित कराना हम सभी का साझा दायित्व है।
सामाजिक समरसता और जनभागीदारी से सशक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सद्भाव, परिश्रमी जनता और सामूहिक सहयोग की भावना से है। प्रदेश को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 151वीं जयंती हमें यह संकल्प लेने की प्रेरणा देती है कि हम सामाजिक एकता को मजबूत करेंगे, महापुरुषों के आदर्शों का अनुसरण करेंगे और जनकल्याण तथा प्रदेश के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएंगे। सरकार, सामाजिक संगठनों और नागरिकों के साझा प्रयासों से ही एक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।

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