
10 जुलाई 2025: मंगल करेगा नक्षत्र परिवर्तन, बदलेगी ऊर्जा और स्वभाव की दिशा
10 जुलाई 2025 को मंगल ग्रह मूल नक्षत्र (जो कि केतु से शासित है) को छोड़कर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेगा। यह खगोलीय परिवर्तन केवल राशियों को ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के साहस, क्रोध, निर्णय लेने की क्षमता और ऊर्जा के स्तर को भी प्रभावित करेगा। मूल नक्षत्र में स्थित मंगल व्यक्ति को तीव्र और कभी-कभी विद्रोही प्रवृत्ति देता है, जबकि पूर्वाषाढ़ा में प्रवेश के साथ ही यह ऊर्जा अधिक संतुलित और उद्देश्यपूर्ण हो सकती है। यह समय कई राशियों के लिए निर्णय लेने और साहसिक कदम उठाने का संकेत है।
10 जुलाई 2025 से मंगल ग्रह पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेगा, जो कि शुक्र के प्रभाव वाला नक्षत्र है। इस दौरान मंगल की तीव्र ऊर्जा थोड़ी संयमित हो जाती है और व्यक्ति अधिक संतुलन, कूटनीति और सौंदर्यपूर्ण दृष्टिकोण अपनाता है। इस परिवर्तन के साथ ही निर्णय लेने की प्रक्रिया में परिपक्वता और रणनीतिक सोच बढ़ सकती है। यह स्थिति 31 जुलाई तक बनी रहेगी, जिसके बाद मंगल उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेगा, जहां इसके प्रभाव फिर से बदल जाएंगे।
इन राशियों पर पड़ेगा मंगल के परिवर्तन का खास असर, खुल सकते हैं तरक्की के रास्ते
धनु राशि: जिनका लग्न या चंद्र धनु में है, उनके लिए यह समय नई ऊर्जा और नेतृत्व के अवसर लेकर आ सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ मिलने की संभावना है।
मेष और वृश्चिक राशि: चूंकि मंगल इन राशियों का स्वामी ग्रह है, इसलिए करियर में नई प्रगति, साहसिक निर्णयों में सफलता और भूमि या विवाह संबंधी कार्यों में गति आ सकती है।
सिंह और तुला राशि: इन जातकों के लिए यह समय प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। सामाजिक और पेशेवर स्तर पर नेतृत्व की भूमिका मिल सकती है तथा सार्वजनिक छवि में निखार आएगा।
इन राशियों को बरतनी होगी सावधानी, नहीं तो बढ़ सकते हैं तनाव
मिथुन और कन्या राशि: इस समय इन राशियों के जातकों को बोलचाल में संयम बरतना होगा। वाणी में कठोरता या तीखी प्रतिक्रिया से विवाद की स्थिति बन सकती है। सोच-समझकर बोलना और धैर्य रखना लाभकारी रहेगा।
कर्क राशि: पारिवारिक मामलों में भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। जल्दबाज़ी या भावुक निर्णय रिश्तों में खटास ला सकते हैं, इसलिए शांत और संतुलित दृष्टिकोण अपनाना बेहतर रहेगा।









