अजमेर में इस बार मानसून ने 50 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जुलाई के शुरुआती 19 दिनों में ही यहां पूरे सीजन जितनी बारिश हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश ने ना सिर्फ मौसम को ठंडा कर दिया है, बल्कि कई इलाकों में जलभराव और जनजीवन पर असर भी डाला है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अजमेर में इस साल 19 जुलाई तक औसतन 511.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य सीजन के आंकड़े के बराबर है। यह बीते 5 दशकों में सबसे तेज और भारी बारिश में से एक मानी जा रही है।
इस बीच, देश के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी है। बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्यप्रदेश में आज मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।
प्रभावित राज्यों में हालात:
उत्तराखंड: पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका, यातायात प्रभावित।
बिहार: निचले इलाकों में जलभराव, किसानों को हो रही दिक्कतें।
ओडिशा-छत्तीसगढ़: नदियों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट मोड में।
मौसम विभाग ने लोगों को गैर जरूरी यात्रा से बचने और अलर्ट रहने की सलाह दी है। साथ ही, प्रशासन को भी राहत और बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।







