दुर्ग, छत्तीसगढ़-
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) में सामने आए 650 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर है। बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की संयुक्त टीम ने दुर्ग स्थित मोक्षित कॉर्पोरेशन के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर हलचल मचा दी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह छापे मोक्षित कॉर्पोरेशन के तीन अलग-अलग आवासीय और व्यावसायिक परिसरों पर एक साथ डाले गए। कार्रवाई में दो दर्जन से अधिक अधिकारी और भारी संख्या में सीआरपीएफ के जवान मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि परिसर को पूरी तरह सील कर दिया गया था और किसी को भी भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
ईडी की टीमें करीब एक दर्जन गाड़ियों के काफिले के साथ सुबह-सुबह पहुंचीं और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी। इस बीच छापे की खबर इलाके में फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई में क्या जब्त किया गया है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि जांच एजेंसियां जल्द ही आधिकारिक बयान जारी करेंगी।
गौरतलब है कि सीजीएमएससी से जुड़े इस बड़े घोटाले में मोक्षित कॉर्पोरेशन का नाम पहले भी सामने आ चुका है। इससे पहले जनवरी 2025 में भी शांतिलाल और शशांक चोपड़ा के घर और कार्यालय में ईओडब्ल्यू और एसीबी की संयुक्त टीम ने दस्तावेज खंगाले थे। अब एक बार फिर हुई यह छापेमारी इस बात का संकेत है कि जांच एजेंसियां इस मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं और जल्द ही कुछ बड़े खुलासे हो सकते हैं।









