भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर 2025 को होना है, और इसके लिए राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
एनडीए का उम्मीदवार: सी.पी. राधाकृष्णन
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। तमिलनाडु से आने वाले राधाकृष्णन पूर्व में दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी के तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। उनके नाम की घोषणा भाजपा के संसदीय बोर्ड की बैठक में की गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राधाकृष्णन की प्रशंसा करते हुए उन्हें “प्रेरणादायक उपराष्ट्रपति” बताया और उनके समर्पण, विनम्रता और बुद्धिमत्ता की सराहना की।
विपक्षी गठबंधन की रणनीति
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए संयुक्त उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है, हालांकि अभी तक किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विपक्षी दलों की बैठक में डीएमके के राज्यसभा सांसद तिरुचि सिवा और पूर्व इसरो वैज्ञानिक मैलस्वामी अन्नादुरई के नामों पर चर्चा हुई है।
संभावित टक्कर: दक्षिण भारत के दो चेहरे
एनडीए और विपक्ष दोनों के संभावित उम्मीदवार तमिलनाडु से हैं, जिससे यह चुनाव “दक्षिण बनाम दक्षिण” की रोचक टक्कर बन सकता है। डीएमके के समर्थन से विपक्षी उम्मीदवार के रूप में तिरुचि सिवा का नाम आगे बढ़ाया जा सकता है, जो राज्यसभा में अपने प्रभावशाली वक्तव्यों के लिए जाने जाते हैं।
चुनाव की प्रक्रिया
उपराष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं। एनडीए के पास संसद में बहुमत है, जिससे उनके उम्मीदवार की जीत की संभावना अधिक मानी जा रही है। हालांकि, विपक्षी दलों की एकजुटता इस मुकाबले को रोचक बना सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह चुनाव न केवल उपराष्ट्रपति पद के लिए है, बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों और विपक्ष की एकजुटता की परीक्षा भी है।









