कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी गठबंधन INDIA की बैठक में पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया। यह घोषणा 19 अगस्त को हुई, जिससे आगामी चुनाव में सत्तारूढ़ एनडीए के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण मुकाबला तय हो गया है।
बी. सुदर्शन रेड्डी: एक प्रतिष्ठित न्यायिक करियर
बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश के रंगा रेड्डी जिले में हुआ था। उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी की और 1971 में वकालत शुरू की। अपने करियर में उन्होंने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और 2007 से 2011 तक भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में सेवा दी। इसके अतिरिक्त, वे गोवा के पहले लोकायुक्त भी रहे।
राजनीतिक रणनीति और विपक्ष की एकजुटता
INDIA गठबंधन ने बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाकर एक गैर-राजनीतिक और प्रतिष्ठित व्यक्तित्व को सामने लाने की रणनीति अपनाई है। इस कदम से विपक्ष ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि वे संविधानिक पदों पर अनुभवी और निष्पक्ष व्यक्तियों को देखना चाहते हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को निर्धारित है, जिसमें एनडीए और INDIA गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। इस चुनाव में बी. सुदर्शन रेड्डी और सी. पी. राधाकृष्णन के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा।
इस प्रकार, बी. सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी विपक्ष की एकजुटता और संविधानिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।









