रायपुर में पुलिस ने एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इसमें दिल्ली से आए तीन ड्रग डीलर और एक महिला पैडलर भी शामिल हैं, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
तस्करी का नेटवर्क
शुरुआती जांच से पता चला है कि यह नेटवर्क पंजाब और उससे आगे पाकिस्तान से जुड़ा हुआ हो सकता है। इससे यह अंदेशा भी जताया जा रहा है कि देश के पश्चिमी सीमाओं तक सुरक्षा व्यवस्था कमजोर रही।
गिरफ्तार अभियुक्तों की संख्या और पहचान
पुलिस ने कुल चार लोगों को हिरासत में लिया है—तीन पुरुष डीलर और एक महिला, जो पैडलर का काम करती पाई गई। यह गिरफ्तारी नशे के वितरण के समय की गई मुखबिर सूचना या गुप्त छापे के आधार पर की गई।
जब्त नशा और अन्य सामान
अभियुक्तों के कब्जे से लगभग छह ग्राम हेरोइन (चिट्टा) और एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद हुआ है ।
पूलिस की कार्रवाई और जांच
तेलीबांधा और पुरानीबस्ती इलाके की पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए इन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया और आगे की जांच शुरू कर दी है ।
पिछले मामलों का संदर्भ
छत्तीसगढ़ पुलिस ने जनवरी से अगस्त 2025 तक कई बड़े ड्रग तस्करों और पैडलरों को गिरफ्तार किया है। इनमें प्रमुख आरोपी सुवित श्रीवास्तव, लवजीत सिंह जैसे तस्कर शामिल हैं, जिनके खिलाफ हेरोइन नेटवर्क खोलने की कार्रवाई की गई थी। इससे पहले 412 ग्राम हेरोइन जब्त की गई थी, जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई थी ।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की सीमा तक सुरक्षा बनाए रखने के मामले में सरकार असफल रही है। उन्होंने सवाल उठाया है कि यदि सरकार सीमा क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की तस्करी नहीं रोक पा रही, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कितनी प्रभावी होगी।
रायपुर में सामने आया यह ड्रग डिलीवरी का मामला पूरे तस्करी नेटवर्क की गहराई को उजागर करता है। यह स्पष्ट संकेत है कि पश्चिमी सीमाओं के रास्ते छत्तीसगढ़ तक ड्रग्स पहुंच रहे थे, और इनकी रोकथाम में सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी—सवाल उठाती है कि क्या सुरक्षा व्यवस्था इतने कमजोर होती जा रही है? कांग्रेस द्वारा उठाया गया यह मुद्दा इस असफलता की ओर संकेत करता है।







