बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
= देश के सबसे बड़े एंटी नक्सल ऑपरेशन में शामिल वीरों का हुआ अभिनंदन =
जगदलपुर। देश के सबसे बड़े एंटी नक्सल अभियान ऑपरेशन ब्लैक फारेस्ट में शामिल वीर जवानों का केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सम्मान किया है। पहाड़ी पर ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट बस्तर संभाग के बीजापुर जिले और तेलंगाना की सीमा पर स्थित नक्सलियों की सबसे बड़ी पनाहगाह कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर कई दिनों तक चला था। इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले सीआरपीएफ, छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजीऔर कोबरा के जवानों से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।

इस अवसर पर श्री शाह ने कहा कि कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर चले अब तक के सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियान ऑपरेशन ब्लैक फ़ॉरेस्ट में वीर जवानों ने शौर्यपूर्ण प्रदर्शन कर अभियान को सफल बनाया, सभी सुरक्षाबलों के जवानों को हृदय से बधाई। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के विरुद्ध अभियान के इतिहास में ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट के दौरान जवानों का शौर्य और पराक्रम एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा। जब तक सभी नक्सली या तो आत्मसमर्पण न कर दें, पकड़े न जाएं या समाप्त न हो जाएं तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, भारत को नक्सलमुक्त बनाकर ही रहेंगे। गर्मी, ऊंचाई और हर कदम पर आईईडी के खतरों के बावजूद सुरक्षाबलों ने बुलंद हौसले से अभियान को सफल बनाकर नक्सलियों का बेस कैंप समाप्त किया।श्री शाह ने कहा- कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर नक्सलियों के मैटीरियल डंप और सप्लाई चेन को सुरक्षाबलों के जवानों ने पराक्रम से नष्ट कर दिया। नक्सल विरोधी अभियानों में गंभीर शारीरिक क्षति उठाने वाले सुरक्षाबलों के जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए मोदी सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।नक्सलविरोधी अभियानों के कारण पशुपतिनाथ से लेकर तिरुपति तक के क्षेत्र में साढ़े 6 करोड़ लोगों के जीवन में नया सूर्योदय हुआ है। नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वीर जवानों से भेंट की और उन्हें सम्मानित किया। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम भारत को नक्सलमुक्त बनाकर ही रहेंगे। अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने देश के सबसे कम विकसित क्षेत्रों को बहुत नुकसान पहुंचाया है, स्कूल और अस्पताल बंद कर दिए और सरकारी योजनाओं को स्थानीय लोगों तक नहीं पहुंचने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलविरोधी अभियानों के कारण पशुपतिनाथ से लेकर तिरुपति तक के क्षेत्र में साढ़े 6 करोड़ लोगों के जीवन में नया सूर्योदय हुआ है। श्री शाह ने कहा कि नक्सल विरोधी अभियानों में गंभीर शारीरिक क्षति उठाने वाले सुरक्षाबलों के जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए मोदी सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का संकल्प है कि हम 31 मार्च, 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त कर देंगे।

शौर्य का हुआ बहुमान: केदार कश्यप
बस्तर के जुझारू एवं युवा आदिवासी नेता केदार कश्यप ने ऑपरेशन ब्लैक फारेस्ट में अपनी जान की बाजी लगाकर नक्सलियों के सबसे बड़े ठिकाने को तबाह करने वाले जवानों को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा सम्मानित किए जाने पर खुशी जाहिर की है। केदार कश्यप ने वीर जवानों को बधाई देते हुए कहा है कि भाजपा राष्ट्रवादी पार्टी है और देशभक्त जवानों के उत्साहवर्धन के लिए हमेशा तत्पर रहती है। हमारे राष्ट्र भक्त प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी हर बड़े त्यौहार के दौरान सीमाओं पर डटे जवानों के बीच खुशियां शेयर करते हैं, उनका सुख दुख साझा करते हैं, हमारे केंद्रीय गृहमंत्री माननीय अमित शाह जी भी देशभक्त फौजी भाइयों के बीच अक्सर पहुंचते रहते हैं। श्री कश्यप ने कहा- शाह जी बस्तर प्रवास पर सिर्फ और सिर्फ नक्सली मोर्चे पर डटे विभिन्न सुरक्षा बलों की हौसला अफजाई करने और उनका दुख बांटने के लिए आते हैं। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री ने 31 मार्च 2026 के पहले तक नक्सलवाद के खात्मे का जो संकल्प ले रखा है, उसे लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी और उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा जी प्रण प्राण से जुटे हुए हैं। केंद्र और राज्य सरकारों का भरपूर साथ मिलने से हमारे जवानों का हौसला बुलंदी पर है और नक्सलवाद के नाश के लिए कृत संकल्प होकर काम कर रहे हैं। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को अभियान में मिल रही निरंतर कामयाबी बताती है कि नक्सलियों के अंतिम दिन करीब आ चुके हैं। यहां उल्लेखनीय है कि वन मंत्री केदार कश्यप स्वयं बस्तर संभाग के अति नक्सल प्रभवित नारायणपुर जिले के निवासी हैं। वे नक्सलवाद का दंश बचपन से देखते और महसूस करते आए हैं। केदार कश्यप ने बस्तर के रहवासियों को जागरूक कर नक्सलियों की समाज एवं विकास विरोधी विचारधारा से मुक्त करने में बड़ी भूमिका निभाई है। वे नक्सल प्रभावित गांवों में जाकर आदिवासी समुदाय को विकास एवं लोकतंत्र की मुख्यधारा से जोड़ने का काम निरंतर करते रहते हैं।









