शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि को महानवमी कहा जाता है। यह दिन मां सिद्धिदात्री को समर्पित होता है, जो नवदुर्गा का नौवां स्वरूप हैं। मां सिद्धिदात्री भक्तों को सभी सिद्धियां प्रदान करती हैं और उनके जीवन से अज्ञानता का अंधकार दूर करती हैं।
पूजा विधि:
महानवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। नौ कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उन्हें भोजन कराया जाता है, पैर धोए जाते हैं और उपहार दिए जाते हैं। इससे देवी प्रसन्न होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।
धार्मिक मान्यता:
महानवमी के दिन ही मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर धर्म की स्थापना की थी। इस दिन शक्ति की पूर्ण आराधना से व्यक्ति को आध्यात्मिक बल, मानसिक शांति और सिद्धियों की प्राप्ति होती है।









