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ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी की जयंती पर हुई विशेष ग्राम सभा – लोकतंत्र और जनभागीदारी का अद्भुत उदाहरण

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जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती का अवसर हमेशा देश के लिए प्रेरणा का पर्व रहा है। सत्य, अहिंसा,
 स्वच्छता और ग्राम स्वराज्य के उनके आदर्श आज भी ग्रामीण विकास और जनभागीदारी की दिशा में मार्गदर्शक हैं।
2 अक्टूबर 2025 को जांजगीर-चांपा जिले की ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभाएं इसी विचारधारा की झलक दिखाती हैं।
कलेक्टर का सादगीपूर्ण अंदाज – जनता के बीच विश्वास का संदेश
 जिला जांजगीर चांपा जिला कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने जनपद पंचायत बलौदा के ग्राम रैनपुर में ग्रामवासियों के बीच पहुंचकर न केवल उनकी बातें सुनीं, बल्कि ज़मीन पर बैठकर संवाद किया। यह दृश्य ग्रामीणों के लिए अनोखा और आत्मीय था, जिसने प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की नई परंपरा को जन्म दिया। गांधीजी के ग्राम स्वराज्य के सपने को साकार करने की दिशा में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना गया।
मुख्यमंत्री का संदेश और ग्राम पंचायत का संकल्प
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का ‘एक पाती’ संदेश ग्रामवासियों को सुनाया। इसमें आदि कर्मयोगी, आदि सहयोगी और आदि साथी के महत्व पर प्रकाश डाला गया। ग्राम सभा ने बाल विवाह मुक्त पंचायत, नशा मुक्त गांव और प्लास्टिक मुक्त पंचायत जैसे प्रस्ताव पारित कर समाज सुधार का संदेश दिया। यह संकल्प गांव के भविष्य को नई दिशा देगा।
महिलाओं और स्वच्छता दीदियों का सम्मान
ग्राम सभा में स्वच्छता अभियान और विकास कार्यों में सक्रिय योगदान देने वाली महिलाओं एवं स्वच्छता दीदियों का सम्मान किया गया। इससे ग्रामीण समाज में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को प्रोत्साहन मिला।
योजनाओं पर चर्चा और विकास का खाका
ग्राम सभा में कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तार से विचार हुआ—
महात्मा गांधी नरेगा योजना और आदि कर्मयोगी अभियान
ग्राम पंचायत विकास योजना एवं धरती आबा अंतर्गत विलेज एक्शन प्लान की स्वीकृति
नए पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, मिडिल स्कूल भवन, पीडीएस गोदाम, स्ट्रीट लाइट और उद्यान सिंचाई जैसी परियोजनाओं की मंजूरी
शिक्षा गुणवत्ता सुधार हेतु मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान और सामाजिक अंकेक्षण का प्रस्ताव
सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण की पहल
ग्रामवासियों को आयुष्मान कार्ड, आधार लिंक बैंक खाता, राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इससे स्पष्ट है कि ग्राम सभा केवल औपचारिक आयोजन न होकर, ग्रामीणों के अधिकार और सुविधाओं की जानकारी का प्रभावी माध्यम बनी।
गांधी जयंती का वास्तविक अर्थ
महात्मा गांधी का मानना था कि “भारत का हृदय गांवों में बसता है।” इस विशेष ग्राम सभा ने गांधीजी के इस विचार को जीवंत किया। ग्रामीणों की भागीदारी, सामाजिक सुधार के संकल्प, महिलाओं का सम्मान और विकास योजनाओं की पारदर्शिता – ये सभी तत्व मिलकर सच्चे अर्थों में गांधी जयंती का उत्सव बने।
ग्राम पंचायत रैनपुर में हुई विशेष ग्राम सभा न केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम था,
ग्राम पंचायत रैनपुर में हुई विशेष ग्राम सभा न केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम था, बल्कि यह लोकतंत्र, समानता और विकास की जीवंत पाठशाला बन गई। कलेक्टर का सादगीपूर्ण आचरण, ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और सामाजिक सुधार के ठोस संकल्प आने वाले समय में जिले की ग्राम पंचायतों के लिए आदर्श साबित होंगे।
गांधी जयंती पर यह आयोजन हमें याद दिलाता है कि जब जनता और प्रशासन एक मंच पर बैठकर निर्णय लेते हैं, तभी ग्राम स्वराज्य का सपना साकार होता है।

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