हर साल 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (International Day of the Girl Child) मनाया जाता है। यह दिन विश्वभर में बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान देने और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम उठाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
भारत जैसे देश में, जहां बेटियों को कभी बोझ समझा जाता था, अब वही बेटियां देश का गौरव बन रही हैं—चाहे वह खेल हो, विज्ञान हो, सेना हो या अंतरिक्ष। आज की बेटी न केवल अपने सपने देख रही है, बल्कि उन्हें पूरा करने का हौसला भी रखती है।
इस विशेष दिन की शुरुआत वर्ष 2012 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य है दुनिया भर में लड़कियों के साथ होने वाले भेदभाव, हिंसा और असमानता के खिलाफ आवाज़ उठाना और उन्हें सशक्त बनाना।
बालिकाएं आज का वर्तमान और कल का भविष्य हैं। आज की बालिकाएं विज्ञान, खेल, राजनीति, रक्षा, तकनीक और उद्यमिता जैसे हर क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ रही हैं। वे सिर्फ परिवार की नहीं, पूरे समाज और राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला हैं।







