Home अंतर्राष्ट्रीय अफगान सैनिकों का पाक चौकियों पर बड़ा हमला: 15 जवानों की मौत...

अफगान सैनिकों का पाक चौकियों पर बड़ा हमला: 15 जवानों की मौत का दावा, नक़्वी बोले– भारत जैसा जवाब देंगे

171
0
काबुल / इस्लामाबाद, 12 अक्टूबर 2025: अफगान सुरक्षा बलों ने 11 अक्टूबर की देर रात पाकिस्तान की सीमा के पास कई चौकियों पर बड़े पैमाने पर हमले किए, और अफगान पक्ष ने दावा किया कि इन हमलों में 15 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। यह कार्रवाई तालिबान शासन द्वारा “बदला ऑपरेशन” करार दी जा रही है, जिसे अफगान अधिकारी पाकिस्तान की कथित हवाई और जमीनी सीमाओं के उल्लंघन के जवाब में अंजाम दिया गया।
पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं (जिनमें गृह मंत्री मोहसिन नक़्वी) ने इस हमले की निंदा की और “सख्त” जवाब की चेतावनी दी है; अभी तक पाकिस्तान की आधिकारिक हताहत संख्या सार्वजनिक रूप से मान्य नहीं हुई है।
पाकिस्तान के अधिकारियों ने शुरुआती आरोपों का खंडन नहीं किया है, लेकिन केंद्रीय स्तर पर तनाव तेज हो गया है — पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़्वी ने इस घटना की निंदा करते हुए कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी और कहा कि यदि अफगान फोर्सेस ने सीमापार गतिविधियाँ दोहराईं तो कड़ा प्रतिउत्तर होगा। नक़्वी के बयान में व्यक्त गुस्से और सेहत के लिहाज से दी गई चेतावनी को दोनों ओर के संदेशों में वृद्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
घटनास्थल पर स्थानीय स्रोतों और सोशल मीडिया पर साझा किए गए कुछ दृश्य और रिपोर्टें भी आईं हैं — इनमें कुछ चौकियों पर नियंत्रण की कहानियाँ और दोनों तरफ की गोलीबारी की सूचनाएँ शामिल हैं। हालांकि, इत्तला के स्वर में अभी असमानता है: कुछ समाचार एजेंसियाँ 12 की बात कर रही हैं तो कुछ 15 जैसे आंकड़े दे रही हैं; पाकिस्तानी सैन्य अथॉरिटी की आधिकारिक पुष्टिकरण रिपोर्ट (कॉमन काउंटर-लेखा) अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। घटनाओं के सही क्रम और हताहतों की अंतिम पुष्टि के लिए आधिकारिक बयान का इंतज़ार आवश्यक है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने सीमावर्ती इलाकों में भारी जंग जुड़ने की बात कही है और कुछ मामलों में नागरिक प्रभावित होने की खबरें भी आई हैं; झड़पों के कारण प्रमुख व्यापार-बिंदु/बॉर्डर क्रॉसिंग अस्थायी रूप से बंद होने की सूचनाएँ हैं।
आंच अब सीमावर्ती इलाकों से बढ़कर राजनैतिक और कूटनीतिक स्तर पर भी पहुँच चुकी है — क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय देशों ने संयम बरतने और कूटनीतिक चैनलों के जरिये समाधान की अपील की है। विश्लेषक कह रहे हैं कि दोनों पक्षों के बीच यह तनाव तटरक्षक मसलों, सूचना-पर-सांस्कृतिक असहमति और त्वरित-प्रचारित दावों की वजह से और भड़क सकता है, इसलिए त्वरित भाषणों के बजाय सत्यापित तथ्यों पर आधारित संवाद की आवश्यकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here