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‘मेक इन इंडिया’ की बड़ी सफलता! तेजस Mk-1A ने भरी पहली उड़ान, वायुसेना की ताकत में होगा जबरदस्त इज़ाफा

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नासिक / नई दिल्ली-

देश के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस मार्क-1ए (LCA Mk-1A) के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है — नासिक के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) प्लांट से यह विमान अपनी पहली उड़ान भरेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस मौके पर मौजूद रहेंगे और HAL की नई उत्पादन लाइनों का उद्घाटन भी करेंगे।

HAL के नासिक असेंबली लाइन से निकले इस पहले Mk-1A वेरिएंट का रोल-आउट और पहली उड़ान भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के लिए बड़ा मील-पत्थर माना जा रहा है। इससे तेजस के उत्पादन और आपूर्ति क्षमता में इजाफा होगा और भविष्य में वायुसेना को अधिक संख्या में विमान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

तेजस Mk-1A — क्या खास है?

यह Mk-1 का उन्नत संस्करण है, जिसमें आधुनिक एविओनिक्स और बेहतर हथियार एकीकरण शामिल हैं।

विमान में AESA रडार, BVR (बियॉन्ड-विजुअल-रेंज) मिसाइल क्षमता, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट और हवा में ईंधन भरने (AAR) की सुविधा जैसे फीचर्स हैं।

निर्माण में लगभग 65% से अधिक हिस्से स्वदेशी हैं — जिससे घरेलू उद्योग की भागीदारी और आत्म-निर्भरता को बल मिला है।

HAL का लक्ष्य आने वाले वर्षों में तेजस Mk-1A की बड़ी संख्या (द्वाराअनुबंध के तहत) वायुसेना को उपलब्ध कराना है; इसके लिए उत्पादन लाइनों का विस्तार किया जा रहा है।

कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि Mk-1A को भविष्य में सीमा-समीप तैनाती के लिये तैयार रखा जा सकता है — हालांकि तैनाती-समय और स्थान का आधिकारिक ऐलान वायुसेना द्वारा बाद में किया जाएगा।

प्रोडक्शन और टाइमलाइन

HAL ने नासिक में तीसरी उत्पादन लाइन सक्षम की है ताकि वार्षिक उत्पादन बढ़ाकर 24 विमानों तक पहुँचाया जा सके। नासिक लाइन से प्रतिवर्षवीं संख्या बढ़ने से समग्र सप्लाई-लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी-शेड्यूल बेहतर होंगे। हालाँकि, पहले अमेरिकी इंजन सप्लाई में देरी के कारण प्रोग्राम को कुछ समय पिछड़ा भी जाना पड़ा था — पर HAL और सरकार इससे निपटने के लिये कदम उठा रही हैं।

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