रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक फैसले के तहत मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है, जिससे उन्हें सिर्फ सलाहकार नहीं, बल्कि शासन-प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में स्थापित किया गया है। इसके साथ ही तीन आयोग अध्यक्षों को भी विशेष दर्जे दिए गए हैं
राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया, जिसमें पंकज झा के साथ-साथ अन्य आयोगों के अध्यक्षों को भी विशेष दर्जे दिए गए।

सूची में शामिल प्रमुख नाम:
रूपनारायण सिन्हा — योग आयोग अध्यक्ष को कैबिनेट दर्जा।
बिशेषर पटेल — गौ सेवा आयोग अध्यक्ष को भी कैबिनेट दर्जा।
विश्वविजय सिंह तोमर — युवा आयोग अध्यक्ष को राज्य मंत्री का दर्जा।
सरकारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह दर्जा शिष्टाचार के तहत दिया गया है, यानी इसे वरिष्ठता का प्रतीक नहीं माना जाना चाहिए।
क्यों है अहम?
रणनीतिक संकेत: मीडिया सलाहकार को कैबिनेट दर्जा मिलना संकेत है कि राज्य सरकार नियन्त्रण-प्रचार और मीडिया मैनेजमेंट को अब पहले से अधिक महत्व दे रही है।
प्रोटोकॉल एवं प्रभाव: इस तरह का दर्जा मिलने से पंकज झा की स्थिति सिर्फ सलाहकार तक सीमित नहीं रही — अब उन्हें प्रशासनिक मंच पर स्थापित किया गया है।
सुविधाएँ एवं भूमिका: इस दर्जे के साथ उन्हें प्रशासनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी, जिससे उनका काम और प्रभाव दायरा बढ़ेगा।
समय-संधि: यह फैसला उस समय आया है जब राज्य में राजनीतिक एवं प्रशासनिक हलचल तेज है — ऐसे में यह एक मजबूत संदेश भी हो सकता है।









