बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
शहीदों के परिजनों का किया गया सम्मान भी
जगदलपुर। 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस पर 1 सितम्बर 2024 से 31 अगस्त 2025 तक सम्पूर्ण भारत में सशस्त्र एवं अर्द्धसैनिक बलों के जिन जवानों ने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए हैं, उन शहीद जवानों को श्रद्धांजली दी जाती है। इस अवधि में कुल 191 जवानों ने देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। वहीं छत्तीसगढ से 16 जवान शहीद हुए हैं।
बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सली घटनाओं में एसटीएफ का 1, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का 1, सीआरपीएफ 2 एवं बीजापुर जिला पुलिस बल के 4 जवानों सहित कुल 8 जवान शहीद हुए हैं। पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने शहीद जवानों की नामों का वाचन किया। वाचन उपरांत नामावली शहीद स्मारक को अर्पित की गई। शहीदों को सलामी देने के बाद शहीदों की याद में 2 मिनट का मौन धारण किया गया। सलामी उपरान्त जनप्रतिनिधियों, अधिकारी, कर्मचरियों एवं शहीद परिवारों द्वारा शहीद स्मारक पर रिथ एवं पुष्प अर्पण कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। सिआरपीएफ बीजापुर सेक्टर के उप महानिरीक्षक बीएस नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, सेनानी 15वीं वाहिनी भारत रक्षा वाहिनी छसबल धनोरा मयंक गुर्जर, कमांडेंट 229 केरिपु ब्रजेश सिंह, कमांडेंट 85 सीआरपीएफ सुनील कुमार राही, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऑप्स अमन कुमार झा, अपर कलेक्टर भूपेंद्र अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीजापुर चंद्रकांत गवर्ना एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीजापुर यूलैंडन यॉर्क शहीद परिवारों से रूबरू हुए।उन्हे सम्मान स्वरूप श्रीफल एवं शॉल भेंट किए गए। शहीद परिवारों से उनके स्वत्वों के भुगतान के सबंध में जानकारी ली गई एवं विश्वास दिलाया गया कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अपनी समस्याओं से अवगत कराएं, आपकी समस्याओं के निराकरण हेतु हरसंभव प्रयास किया जाएगा। शहीद परिजनों के बच्चों को छात्रवृति व शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु सबंधित लिपिक को आवेदन पत्र शिक्षा विभाग को भरकर भेजने हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर पुलिस विभाग, अर्द्धसैनिक बल, जिला प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बीजापुर जिला अंतर्गत विभिन्न थाना क्षेत्रों में निवासरत रहे शहीद जवानों ने जिन स्कूलों में शिक्षा ग्रहण की थी, उन स्कूलों में भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।









