रायपुर। राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना ने राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गर्मा दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही कई संगठनों ने विरोध जताया। विशेष रूप से क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को शहर के कई हिस्सों में प्रदर्शन करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सूत्रों के अनुसार, रायपुर में स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को बीती रात अराजक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की और मूर्ति के टूटे हिस्सों को संरक्षित कर लिया।
इस बीच, क्रांति सेना के सैकड़ों सदस्य मौके पर पहुंच गए और नारेबाज़ी करने लगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी राज्य की अस्मिता का प्रतीक है, ऐसे में उसकी मूर्ति से छेड़छाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया और उन्हें आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच तेज़ी से की जा रही है। फिलहाल, क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
पुलिस का बयान:
स्थानीय थाना प्रभारी के अनुसार, “मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है। शुरुआती जांच में कुछ संदिग्धों की पहचान हुई है, जिन्हें जल्द हिरासत में लिया जाएगा।”
स्थानीय लोगों में आक्रोश:
मूर्ति तोड़े जाने की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों में नाराज़गी फैल गई। लोग समूह बनाकर विरोध जताने लगे। कई सामाजिक संगठनों ने इसे राज्य की सांस्कृतिक विरासत पर हमला बताया है।
राज्य सरकार की प्रतिक्रिया:
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जिला प्रशासन को मामले की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी कहा गया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









