कांकेर संवाददाता रूपेश नागे
अंतागढ़ : कांकेर ज़िले के अंतागढ़ में आज “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है, जब 21 माओवादी कैडरों ने 18 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया. आत्मसमर्पण करने वाले सभी कैडर केशकाल डिवीजन (नॉर्थ सब ज़ोनल ब्यूरो) के कुएमारी / किसकोडो एरिया कमेटी से संबंधित हैं. इनमें डिवीजन कमेटी सेक्रेटरी मुकेश सहित 4 डीवीसीएम (डिवीजन वाइस कमेटी मेंबर), 9 एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) और 8 पार्टी सदस्य शामिल हैं.इन 21 आत्मसमर्पित नक्सलियों में 13 महिला और 08 पुरुष कैडर शामिल हैं, जिन्होंने हिंसा और जनविरोधी विचारधारा का रास्ता छोड़कर शांति और प्रगति का मार्ग अपनाया है. इन माओवादियों ने जो हथियार जमा किए हैं, उनमें 3 एके-47 रायफलें, 4 एसएलआर रायफलें, 2 इंसास रायफलें, 6 .303 रायफलें, 2 सिंगल शॉट रायफलें, 1 बीजीएल हथियार शामिल है.।
सरेंडर करने से पहले नक्सलियों का पुलिस और प्रशासन ने सभी नक्सलियों का स्वागत किया और उन्हें पुनर्वास कार्यक्रमों में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की। राज्य सरकार की तरफ से यह स्पष्ट किया गया है कि जो भी नक्सली आत्मसमर्पण करते हैं। उन्हें कानून के अनुसार उचित सुरक्षा और पुनर्वास की सुविधा दी जाएगी। आईजी बस्तर सुंदरराज पी. ने कहा कि “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल बस्तर में शांति स्थापना की दिशा में एक सशक्त प्रयास है. माओवादी हिंसा से अलग होकर मुख्यधारा में शामिल हो रहे साथियों के इस कदम से बस्तर में स्थायी शांति की नींव और मजबूत होगी.आधिकारिक स्तर पर अन्य जानकारियाँ शीघ्र साझा की जाएंगी.।









