-शिक्षा विभाग में मलाई खाने- खिलाने का खेल
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। शिक्षकों के संलग्नीकरण पर शासन द्वारा रोक लगाए जाने के बावजूद बस्तर जिले में शिक्षकों का बेधड़क संलग्नीकरण किया जा रहा है। दरअसल विभाग की मलाईदार शाखाओं में अटैचमेंट के लिए खुद शिक्षक लालायित रहते हैं। वहीं अफसर भी उन पर विशेष रूप से मेहरबान रहते हैं। ऐसा ही एक उप प्राचार्य से जुड़ा हुआ मामला सामने आया है। संलग्नीकरण पर रोक संबंधी आदेश जारी होने के बीस दिन बाद ही इस उप प्राचार्य को फिर से राज्य ओपन परीक्षा का प्रभारी बना दिया गया है।
बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के हायर सेकंडरी स्कूल सिरिसगुड़ा के उप प्राचार्य अवनीश कुमार दानी को संयुक्त संचालक लोक शिक्षण बस्तर संभाग ने 22 सितंबर 2025 को एक आदेश जारी कर महारानी बाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला जगदलपुर में संचालित ओपन स्कूल बोर्ड परीक्षा का प्रभारी नियुक्ति कर दिया। इस अतिरिक्त प्रभार के पीछे संयुक्त संचालक ने श्री दानी के पूर्व के कार्य अनुभव को आधार माना है। मजे की बात तो यह है कि यह अटैचमेंट स्कूल शिक्षा विभाग संचालनालय के उस आदेश के महज बीस दिन बाद ही कर दिया गया, जिसमें साफ तौर पर संलग्नीकरण पर रोक लगाने की बात कही गई है। संचालनालय ने यह आदेश 2 सितंबर 2025 को जारी किया था। श्री दानी के संलग्नीकरण ने यह भी जाहिर कर दिया है कि बस्तर में पदस्थ बड़े अधिकारियों को उच्च कार्यालय के आदेश की कोई परवाह नहीं रहती।
चर्चा है कि अविनाश कुमार दानी ने वर्षों से इस परीक्षा के जरिए परीक्षार्थियों को परीक्षा पास करने और शत प्रतिशत अंक दिलाने का खेल करने के लिए बस्तर से लेकर रायपुर तक अपनी गोटी बिठा रखी है। उन्होंने पद प्रतिष्ठा का ख्याल नहीं करते हुए बस्तर क्षेत्र के गरीब आदिवासी समाज को खूब मनमाने ढंग से लूट लिया है। ओपन परीक्षा के मुख्य अधिकारी संजय पांडेय से चर्चा करने का प्रयास दूरभाष पर किया गया किंतु उन्होंने इस बाबत शासन के नियमों का हवाला देकर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।









