-किसान के घर के आंगन से चुराया था 10 बोरा धान =
-नशे की लत पूरी करने के लिए आरोपियों ने की चोरी =
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। शराब और अन्य नशे की लत हर बुराई की जड़ है। नशे की लत आदमी को गुनहगार बना देती है। ऐसा ही वाकिया हुआ बस्तर जिले के नगरनार थाना क्षेत्र के चार युवकों के साथ। इन युवकों ने नशे की लत पूरी करने के लिए एक किसान के घर के आंगन में रखा 10 बोरा धान चुरा लिया, मगर आरोपी कानून के लंबे हाथ से बच नहीं पाए। पुलिस ने चारों युवकों को अंततः दबोच लिया।
धान चोरी की यह घटना थाना नगरनार क्षेत्र के ग्राम मारकेल की है। पीड़ित और आरोपी सभी मारकेल गांव के ही निवासी हैं। बता दें कि चारों आरोपी 19 एवं 20 वर्ष की आयु के हैं। मारकेल के सेठिया पारा निवासी पीड़ित किसान जितेंद्र सेठिया पिता मुकुंद सेठिया ने नगरनार थाने में 10 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि करीब15 दिन पहले अपने खेत से धान लाकर सोसाईटी में टोकन नहीं मिलने के कारण घर के आंगन में ही धान को डंप कर रखा था और 10 बोरा धान को घर के आंगन में ही खाने के लिये अलग से रखा था।
7 दिसंबर की रात परिवार के साथ खाना खाकर सो गए। दूसरे दिन 8 दिसंबर को सुबह उठकर देखा तो अलग से रखा हुआ 10 बोरों में 4 क्विंटल धान चोरी हो गया है। चोरी गए धान की कीमत 12 हजार 400 रूपए है।किसान ने आसपास जानकारी ली तो पता चला कि गांव के नरेश बघेल पिता लखीराम बघेल, अरूण बघेल पिता लक्ष्मीनारायण बघेल, मनोज चालकी पिता नीलाराम चालकी और अंकित बघेल पिता सेवक राम बघेल निवासी मारकेल द्वारा धान की चोरी किए जाने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट पर थाना नगरनार में अपराध कायम कर पुलिस धान और आरोपियों की पतासाजी में जुट गई। फरार आरोपी नरेश बघेल, अरूण बघेल, मनोज चालकी और अंकित बघेल निवासी मारकेल की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के दिशा निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक महोदय सुमीत कुमार डी धोत्रे के सुपरविजन और थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह के नेतृत्व में थाना स्तर पर टीम गठित की गई। टीम ने चारों आरोपियों को ग्राम मारकेल से हिरासत में लेकर पूछताछ की।
आरोपियों ने पूछताछ में 10 बोरा धान को मिलकर चोरी करने की बात कबूल कर ली। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जगदलपुर न्यायालय में पेश किया गया।आरोपियों को पकड़ने में निरीक्षक संतोष सिंह, उप निरीक्षक सतीस यदुराज, सहायक उप निरीक्षक दिनेश सिंह ठाकुर, महिला प्रधान आरक्षक पीलेश्वरी साहु, प्रधान आरक्षक रमेश पासवान, राधेलाल कोर्राम, आरक्षक भीमसिंह ध्रुव का विशेष योगदान रहा।









