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रायपुर जिले में मतदाता सूची की बड़ी सफाई, पांच लाख से ज्यादा नाम कटे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद बड़ा बदलाव, रायपुर ग्रामीण में सबसे अधिक असर

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रघुराज/रायपुर। जिले की राजनीति और आने वाले विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाले आंकड़े इस बार खासे बदल गए हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा की गई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के बाद रायपुर जिले की मतदाता सूची में बड़ी सफाई की गई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सात विधानसभाओं में कुल पांच लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इस छंटनी ने स्थानीय नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक सभी को चौंका दिया है।

सबसे ज्यादा असर रायपुर ग्रामीण विधानसभा में देखने को मिला, जहां अकेले 1,34,252 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यह संख्या किसी भी अन्य विधानसभा क्षेत्र की तुलना में सबसे अधिक है। ग्रामीण इलाकों में इतने बड़े पैमाने पर नाम कटने से राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। यहां के नेताओं को अब फिर से संगठनात्मक रणनीति पर विचार करना पड़ सकता है।

शहर की सीटों में भी मतदाता सूची से नाम हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई है। रायपुर नगर पश्चिम विधानसभा में 1,03,312 मतदाता, नगर दक्षिण में 89,240 मतदाता और नगर उत्तर में 74,146 मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं। इन तीनों सीटों में ही मिलाकर लगभग ढाई लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं, जो शहरी क्षेत्रों में वोटर बेस के बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं।

इसी तरह रायपुर ग्रामीण के बाद असर धरसीवां, आरंग और अभनपुर विधानसभा क्षेत्रों में भी नजर आया है। सूत्रों के मुताबिक, इन इलाकों में भी हजारों नाम सूची से हटाए गए हैं। निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की गई है, ताकि दोहराए गए, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें।

इस बड़े पैमाने की सफाई का सीधा असर आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर पड़ेगा। राजनीतिक दल अब नए सिरे से वोटर लिस्ट का आकलन कर रहे हैं। कई सीटों पर उम्मीदवारों की स्थिति इस बदलाव के बाद कमजोर या मजबूत हो सकती है। खासकर उन इलाकों में जहां पार्टी का पारंपरिक वोट बैंक प्रभावित हुआ है।

स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रायपुर जिले में मतदाता सूची का यह बदलाव चुनावी गणित को पूरी तरह पलट सकता है। शहरी क्षेत्रों में प्रवासी आबादी और किरायेदारों का बड़ा वर्ग पहले की वोटर लिस्ट में शामिल था, जिनके नाम अब संभवतः हटा दिए गए हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में हुए जनसंख्या परिवर्तन का असर भी साफ दिखाई दे रहा है।

निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने नाम की स्थिति की जांच करें। संशोधित सूची के आधार पर नाम जोड़ने, हटाने या सुधारने के लिए निर्धारित अवधि में आवेदन करने का अवसर भी दिया जाएगा।

आगामी महीनों में जब अंतिम सूची जारी होगी, तब ही यह पूरी तस्वीर साफ होगी कि इस बड़े बदलाव का असर किस दल या नेता के पक्ष में जाएगा। फिलहाल SIR के बाद से रायपुर जिले की सियासत में हलचल तेज हो गई है और सभी निगाहें अब नई मतदाता सूची पर टिकी हैं।

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