दीपका संवाददाता – हेमचंद सोनी
गेवरा दीपका
दीपका नगर में सिख समुदाय के बंधुओ ने एसईसीएल गेवरा के बुधवारी बाजार स्थित गुरुद्वारा मैं एकत्रित होकर गुरु गोविंद सिंह जी के परिवार के शहादत और शौर्य वीर गाथा स्मरण करते हुए पंज प्यारों के जीवंत झांकी के साथ नगर भ्रमण करते हुए इस ऐतिहासिक पल को जन-जन तक पहुंचने की भी कोशिश की इस अवसर पर निकल गई शोभा यात्रा में जीवंत झांकी को नमन करने के लिए मानो पूरे दीपका में जन समुदाय उम्र पड़ा और जगह-जगह पर फूल माला पहनकर लोगों ने पंज प्यारों को नमन किया इस मौके पर नगर पालिका परिषद दीपका के अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत सिखों की शोभायात्रा में सपत्नीक सम्मिलित हुए
शामिल हुए शोभायात्रा का स्वागत करने के लिए महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
क्यों मनाई जाती है शहीदी सप्ताह दिवस

पूरे विश्व में आज के ही दिन सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के परिवार की शहादत को आज भी इतिहास की सबसे बड़ी शहादत माना जाता है। छोटे साहिबजादों का स्मरण आते ही सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है और सिर श्रद्धा से झुक जाता है। देश में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद ही 26 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के साहस को श्रद्धांजलि देने के लिए वीर बाल दिवस पूरे देश-विदेश में मनाया जाता है मुगलों के आनंदपुर साहिब पर हमले के बाद गुरु गोबिंद सिंह जी का परिवार बिछड़ गया छोटे साहिबज़ादे, बाबा ज़ोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह माता गुजरी के साथ सरहिंद में कैद कर लिए गए वज़ीर खान द्वारा धर्म परिवर्तन करने से इनकार करने पर दोनों साहिबज़ादों को ज़िंदा दीवार में चुनवा दिया गया आज गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब उस स्थान पर खड़ा है, जहां साहिबजादों ने आखिरी सांस ली









