बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
5 वर्षों से वेतन वृद्धि नहीं, 12 सूत्रीय मांगों पर दो वर्षों से निर्णय लंबित
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला बस्तर जगदलपुर द्वारा तीन दिवसीय हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन का आयोजन जगदलपुर मंडी परिसर में किया गया। हड़ताल के तीसरे दिन कर्मचारियों एवं शिक्षकों की बड़ी और सशक्त उपस्थिति देखने को मिली।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी राहुल कुमार पाण्डेय ने संघ की ओर से धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। अपने वक्तव्य में श्री पाण्डेय ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक टकराव के लिए नहीं, बल्कि न्याय, सम्मान और अधिकार की मांग को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री द्वारा दी गई मोदी की गारंटी तभी वास्तविक रूप से पूरी मानी जाएगी, जब ज़मीनी स्तर पर कार्यरत शिक्षक एवं कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वामी आत्मानंद विद्यालयों को संचालित हुए 5 वर्ष से अधिक हो चुके हैं, लेकिन इस पूरी अवधि में संविदा शिक्षक एवं कर्मचारियों के वेतन में आज तक कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि महंगाई, पारिवारिक जिम्मेदारियां और जीवन यापन की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। इसके बावजूद शिक्षक एवं कर्मचारी पूरे समर्पण के साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए हुए हैं। राहुल कुमार पाण्डेय ने यह भी कहा कि स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ अपनी 12 सूत्रीय मांगों को पिछले दो वर्षों से लगातार शासन एवं प्रशासन के समक्ष संवैधानिक और शालीन तरीके से रखता आ रहा है, लेकिन दुर्भाग्यवश अब तक उन मांगों पर कोई ठोस निर्णय या सकारात्मक पहल नहीं हुई है, जिससे शिक्षकों में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है। धरना स्थल पर संघ की प्रदेश उपाध्यक्ष हेमांगिनी पाण्डेय भी उपस्थित रहीं। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि संविदा शिक्षक वर्षों से असुरक्षा और अनिश्चित भविष्य के बीच कार्य कर रहे हैं, जबकि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरकार से मांग की कि संविदा शिक्षकों को सेवा सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मान प्रदान किया जाए। इस धरना प्रदर्शन में बस्तर जिले के विभिन्न स्वामी आत्मानंद (सेजस) विद्यालयों से शिक्षक एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विशेष रूप से सेजस अलनार, सेजस दरभा, सेजस करितगांव, सेजस चिंगपाल, सेजस किलेपाल सहित जिले के अन्य सेजस विद्यालयों से आए शिक्षक-कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता ने आंदोलन को मजबूती प्रदान की। राहुल कुमार पाण्डेय ने सभी उपस्थित शिक्षक एवं कर्मचारियों की एकजुटता, अनुशासन और संघर्षशील भावना की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर जिले के शिक्षकों का यह संगठित समर्थन कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा और मजबूती देगा। अंत में उन्होंने शासन से अपील की कि कर्मचारियों और शिक्षकों की पीड़ा को समझते हुए संवेदनशीलता के साथ संवाद स्थापित किया जाए तथा मांगों पर शीघ्र ठोस और न्यायोचित निर्णय लिया जाए, ताकि आंदोलन को आगे बढ़ाने की स्थिति न बने।









