रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय स्थित महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद ने होली से पहले धान बेचने वाले किसानों को अंतर की राशि एकमुश्त देने का फैसला किया है। इसके अलावा बजट और विधानसभा सत्र से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
किसानों को होली से पहले मिलेगा भुगतान
कैबिनेट ने तय किया है कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अंतर की राशि होली पर्व से पहले सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से कुल 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। राज्य सरकार की कृषक उन्नति योजना के तहत इस बार लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की राशि किसानों को एकमुश्त दी जाएगी।
सरकार का दावा है कि प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीद 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जो देश में सबसे अधिक है। बीते दो वर्षों में इसी योजना के तहत किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की अंतर राशि दी जा चुकी है। इस वर्ष का भुगतान जुड़ने के बाद यह आंकड़ा करीब 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
बजट और विधानसभा सत्र को मंजूरी
बैठक में फरवरी-मार्च 2026 में प्रस्तावित छत्तीसगढ़ विधानसभा के आठवें सत्र के लिए राज्यपाल के अभिभाषण के प्रारूप को स्वीकृति दी गई।
इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान को विधानसभा में प्रस्तुत करने के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के मसौदे को भी मंजूरी दी गई।
किसानों पर फोकस
सरकार के इस फैसले को किसानों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, खासकर होली जैसे बड़े त्योहार से पहले एकमुश्त भुगतान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी गति आने की उम्मीद है।









