Home चर्चा में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र भी हैं लैंड जेहाद के शिकार

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र भी हैं लैंड जेहाद के शिकार

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अजय गौतम/अम्बिकापुर ।

जमीन की हवस ने राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पंडों समाज को भी नहीं छोड़ा, इस अति विशेष जनजाति के लोग अपने हीं गाँव में निर्वासित जीने के लिए बाध्य हैं । पूरा प्रकरण लखनपुर विकासखंड के ग्राम राजाकटेल, चोड़ेया एवं माजा का है ।

आज भाजपा सरगुजा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया अपने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ लखनपुर क्षेत्र के प्रवास पर थे तो ग्राम राजाकटेल के पंडों समाज के सैकड़ों लोगों ने अपनी व्यथा को श्री सिसोदिया के समक्ष प्रस्तुत किया । पंडों समाज के लोगों ने बताया कि हमारी पुरखों की जमीन धमकाकर एवं छलपूर्वक बाहरी लोगों ने हड़प ली है , और जबरदस्ती क़ब्ज़ा कर लिया है, जो भूमि हमारे जीविकोपार्जन का एक मात्र माध्यम था और जो हमारे पूर्वजों की एकमात्र धरोहर थी आज उस पर पंडों समाज का नहीं बल्कि कुर्बान, ख़ुर्शीद , शफ़ीक़, सरफुद्दीन, रज़्ज़ाक़, रफ़ीक़ और निसार जैसे सैकड़ों बाहरी लोगों का मुख्यमार्ग से लेकर भीतर खेती बाड़ी तक क़ब्ज़ा है ।

आश्चर्य का विषय है कि वर्षों से इस तरह का गतिविधियों से भयभीत पंडों समाज अपनी व्यथा को अभिव्यक्त नहीं कर सका, जबकि संविधान में उल्लेखित है कि आदिवासी वर्ग की भूमि कोई सामान्य वर्ग का व्यक्ति क्रय नहीं कर सकता , उसके उपरांत भी विशेष समुदाय के लोगों ने किस भाव एवं षड्यंत्र के तहत एक पूरे गाँव के ग़रीब पंडों समाज के लोगों के साथ छल करते हुए ७०% से अधिक भू भाग पर क़ब्ज़ा कर लिया है , और कुछ लोगों ने न जाने किस भू अधिनियम के तहत आदिवासी जमीन की रजिस्ट्री भी करा ली है , साथ हीं विशेष समुदाय के नाम पर वनभूमि पट्टा बन गया है और उनके नाम पर भूमि का नामांतरण भी हो चुका है ।

पंडों समाज के लोगो से संवाद करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया के कहा कि विगत दिनों समाचार के माध्यम से ज्ञात हुआ कि पंडों समाज के लोगों द्वारा कलेक्टर सरगुजा से मिल कर इस बात की शिकायत की गई है । उन्होंने कहा कि यह गंभीर विषय है जो राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों जो कि अति विशेष जनजाति आदिवासी समाज से आते हैं उनकी पैतृक भूमि कैसे अन्य लोगों के नाम पर चला गया और कैसे बाहरी लोगों का इस पर क़ब्ज़ा हो गया , ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि बकरियां खरीदने के लिए आए हुए लोगों द्वारा आश्रय के लिए झोपड़ी बनाने के लिए माँगी गई जमीन धीरे धीरे पक्की भवनों में तब्दील हो गई , और आज राजाकटेल के पंडों जनजाति संख्या और जमीन बहुत कम हो गई है ।

इस पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाध्यक्ष ने मौके से सरगुजा कलेक्टर एवं राजस्व अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर विषय से अवगत कराया, उन्होंने तत्काल कार्यवाही की माँग की तथा ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आपके एक एक इंच जमीन का हिसाब होगा और वापस मिलेगा ।
इस अवसर पर जिला महामंत्री विनोद हर्ष , दिनेश साहू, दिनेश गुप्ता, चंद्रिका यादव , निलेश सिंह , अजीत सिंह, जनमेजय मिश्रा , विजय व्यापारी , रवि महंत , दिनेश बारी , निशांत सिंह , खेमराज सिंह , सुरेंद्र साहू , महेश्वर राजवाड़े , सनमान पण्डो सहित अन्य लोग उपस्थित थे ।

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