ट्रस्ट ने सख्ती के दिए संकेत, नृपेंद्र मिश्रा बोले— किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच अब तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अयोध्या में अपनी पड़ताल शुरू कर दी है। जांच टीम का मुख्य फोकस चढ़ावे और दान से जुड़े धन के प्रवाह (मनी ट्रेल) की जांच करना तथा मामले से जुड़े संदिग्ध कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ करना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार तीन सदस्यीय SIT को आरोपों की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच दल यह पता लगाने का प्रयास करेगा कि चढ़ावे और दान की राशि के प्रबंधन में कहीं किसी प्रकार की गड़बड़ी या धन के दुरुपयोग की संभावना तो नहीं रही।
मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और इससे सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच के बाद श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस बीच चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कुछ विपक्षी नेताओं ने SIT जांच पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े इतने महत्वपूर्ण संस्थान में पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उधर, मामले ने कानूनी मोड़ भी ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट में एक पत्र याचिका के माध्यम से दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई गई है। याचिका में आरोपों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
जांच एजेंसियों की सक्रियता के बीच अब सभी की निगाहें SIT की रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई कर्मचारियों और संबंधित पक्षों से पूछताछ के बाद पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।








