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गट्टासिल्ली में महिला स्व-सहायता समूह की दोना-पत्तल व वाशिंग पाउडर इकाई का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, एफपीओ को मिलेगी नई पैकेजिंग मशीन

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कोंडागांव संवाददाता – विनीत पिल्लई
अबिनाश मिश्रा ने नगरी विकासखंड के ग्राम गट्टासिल्ली में महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित दोना-पत्तल एवं वाशिंग पाउडर निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। इस दौरान एफपीओ सेंटर के लिए नई पैकेजिंग मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। महिलाओं की आय, विपणन व्यवस्था और बच्चों को “लइका घर” से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया।
  
गट्टासिल्ली में महिला स्व-सहायता समूह की दोना-पत्तल व वाशिंग पाउडर इकाई का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, एफपीओ को मिलेगी नई पैकेजिंग मशीन
 धमतरी | नगरी विकासखंड के ग्राम गट्टासिल्ली में महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित दोना-पत्तल एवं वाशिंग पाउडर निर्माण इकाई का निरीक्षण आज जिला कलेक्टर अबिनाश मिश्रा द्वारा किया गया। यह दौरा ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दोना-पत्तल निर्माण की पूरी प्रक्रिया, कच्चे माल की उपलब्धता, मशीनों की कार्यप्रणाली, तैयार उत्पादों की गुणवत्ता तथा विपणन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने महिला सदस्यों से संवाद कर समूह से जुड़ने के बाद उनकी मासिक आय में हुए बदलाव की जानकारी भी ली। समूह की अध्यक्ष श्रीमती शिवरात्रि विश्वकर्मा ने बताया कि आसपास के गांवों से पत्तों का संग्रहण कर दोना-पत्तल तैयार किया जाता है और स्थानीय बाजारों में बिक्री की जाती है, जिससे महिलाओं को नियमित आमदनी हो रही है।
कलेक्टर ने वाशिंग पाउडर निर्माण इकाई का भी अवलोकन किया। समूह की महिलाओं ने बताया कि कच्चा माल रायपुर से मंगाया जाता है तथा तैयार उत्पाद आकर्षक पैकेजिंग के साथ आसपास की दुकानों में उपलब्ध कराया जाता है। कलेक्टर ने उत्पादन लागत, पैकेजिंग और बिक्री तंत्र की जानकारी लेते हुए कहा कि ऐसे लघु उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
इसके बाद कलेक्टर ने गट्टासिल्ली स्थित एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) सेंटर का निरीक्षण किया। प्रबंधन समिति ने बताया कि एफपीओ द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन वर्तमान पैकेजिंग मशीन सुचारू रूप से कार्य नहीं कर रही है। इस पर कलेक्टर ने एफपीओ को नई पैकेजिंग मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार में सुधार किया जा सके।
उन्होंने एफपीओ को उत्पादों की बेहतर लेबलिंग, जहां आवश्यक हो वहां Food Safety and Standards Authority of India के तहत पंजीयन तथा डिजिटल विपणन प्लेटफॉर्म से जुड़ने की दिशा में भी पहल करने की सलाह दी। कलेक्टर ने कहा कि यदि समूह क्लस्टर आधारित मॉडल अपनाएं, तो बड़े बाजारों तक पहुंच बनाना आसान होगा और आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सकेगी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने महिलाओं को शासन की विभिन्न स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन योजनाओं से जुड़ने, बैंक लिंकेज मजबूत करने तथा समूह आधारित उद्यमों के विस्तार के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संगठित रूप से कार्य करने से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इस अवसर पर कलेक्टर ने महिलाओं को अपने बच्चों को “लइका घर” भेजने की समझाइश देते हुए कहा कि इससे बच्चों को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा मिलेगी, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, एसडीएम नगरी तथा जनपद पंचायत नगरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। यह पहल धमतरी जिले में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

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