Home मुख्य ख़बरें राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस : स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में एक...

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस : स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

22
0

भारत में हर वर्ष 16 मार्च को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस मनाया जाता है। यह दिन लोगों को टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक करने और सभी बच्चों व वयस्कों को समय पर टीका लगवाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। टीकाकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जो शरीर को कई खतरनाक बीमारियों से बचाने के लिए प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) विकसित करती है।

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस की शुरुआत वर्ष 1995 में भारत सरकार द्वारा पल्स पोलियो अभियान के साथ की गई थी। इस अभियान का उद्देश्य देश से पोलियो जैसी गंभीर बीमारी को समाप्त करना था। लाखों स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवकों के प्रयासों से भारत ने 2014 में पोलियो-मुक्त देश का दर्जा प्राप्त किया। यह टीकाकरण कार्यक्रम की एक बड़ी सफलता मानी जाती है।

टीकाकरण बच्चों को कई घातक बीमारियों जैसे पोलियो, खसरा, टिटनेस, डिप्थीरिया, काली खांसी और हेपेटाइटिस-बी से बचाता है। यदि समय पर टीके लगाए जाएँ तो इन बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए सरकार समय-समय पर विभिन्न टीकाकरण कार्यक्रम चलाती है और लोगों को इसके लिए जागरूक करती है।

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना है कि “हर बच्चा सुरक्षित, हर परिवार स्वस्थ”। इसके लिए अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य शिविरों में मुफ्त टीकाकरण की सुविधा दी जाती है। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों के टीकाकरण कार्ड के अनुसार सभी टीके समय पर लगवाएँ।

अंत में कहा जा सकता है कि टीकाकरण केवल व्यक्तिगत सुरक्षा ही नहीं बल्कि पूरे समाज को बीमारियों से बचाने का प्रभावी माध्यम है। यदि हम सभी टीकाकरण के महत्व को समझें और इसे अपनाएँ, तो हम एक स्वस्थ और सुरक्षित भारत का निर्माण कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here