कुसमी बलरामपुर
संवाददाता युसूफ खान
कुसमी/बलरामपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। फेडरेशन द्वारा बताया गया कि “मोदी की गारंटी” के तहत कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु लगातार पत्राचार एवं आंदोलन किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी व्याप्त है।

ब्लॉक इकाई कुसमी के संयोजक हरकेश भारती एवं महासचिव शशांक भूषण दुबे ने बताया कि फेडरेशन द्वारा 11 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है। इनमें जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ता (DA) एरियर्स की राशि GPF खाते में समायोजित करने, 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष में चार स्तरीय समयमान वेतनमान लागू करने, मध्यप्रदेश की तर्ज पर 300 दिवस अर्जित अवकाश नगदीकरण, वेतन विसंगतियों को दूर करने हेतु पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं।
इसके अलावा शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा लाभ देने, सहायक शिक्षकों एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को समयमान वेतनमान, अनुकंपा नियुक्ति को बिना शर्त लागू करने, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण तथा रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती जैसे मुद्दों को भी उठाया गया।
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ज्ञापन कार्यक्रम में सत्येंद्र दुबे, संतोष दुबे, नीलेश दुबे, अविनाश सिंह, मुजीब रहमान, अशरफ एजाज, अजय पन्द्राम, लवंग साय मुंडा, नुरुल हक, रुद्रेश्वर यादव, भानु प्रताप सिंह, जोलजोरस टोप्पो, अजीत तिर्की, मनोज खेस, अमरेश्वर पैकरा, कुलेश पैकरा, प्यारेलाल, तितुस मिंज, प्रकाश पैकरा, गोस्वामी राम पैकरा, दिलीप राम, उदय राम एवं ब्रिजनाथ पैकरा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित रहे।








