कुसमी बलरामपुर
संवाददाता युसूफ खान

छत्तीसगढ़ की सबसे ऊँची चोटी गौरलाटा, जो बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड में स्थित है, इन दिनों भीषण वनाग्नि की चपेट में है। चोटी के आसपास फैले घने जंगलों में लगातार आग लगने से वन्य जीव-जंतुओं की मौत हो रही है, वहीं छोटे-छोटे पेड़-पौधे भी जलकर नष्ट हो रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में लगी आग तेजी से फैल रही है, जिससे पूरे क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ता जा रहा है। गर्मी के इस मौसम में आग की घटनाएं और भी खतरनाक रूप लेती जा रही हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस गंभीर स्थिति के बावजूद संबंधित चांदो वन विभाग के कर्मचारी पूरी तरह उदासीन नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे आग पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि आग पर जल्द से जल्द काबू पाया जाए, दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए और वन विभाग की जिम्मेदारी तय की जाए।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या वन संपदा और वन्य जीवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है?
आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन?







