Home चर्चा में कविता के मंच को मसखरों का अड्डा न बनने दें: गिरीश पंकज

कविता के मंच को मसखरों का अड्डा न बनने दें: गिरीश पंकज

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लक्ष्मी नारायण लहरे

“साहित्य सृजन संस्थान के कवि सम्मेलन में साहित्य, संवेदना और हास्य का अनूठा संगम ” – लक्ष्मीनारायण लहरे

रायपुर। राजधानी के वृंदावन सभागार में साहित्य सृजन संस्थान द्वारा आयोजित विराट कवि सम्मेलन और साहित्योत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, संवेदना और हास्य का अनूठा संगम देखने को मिला। आयोजन की मुख्य विशेषता देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों की उपस्थिति और उच्च स्तरीय काव्य पाठ रहा।

प्रतिष्ठित अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं पूर्व प्रशासक डॉ. संजय अलंग थे। उन्होंने अपने संबोधन में संस्थान की साहित्यिक गतिविधियों की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष वीर अजीत शर्मा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित ख्यातिलब्ध साहित्यकार गिरीश पंकज ने मंचों की वर्तमान स्थिति पर गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, कविता के मंच को मसखरों का अड्डा न बनाया जाए। हास्य स्वस्थ होना चाहिए और मनोरंजन के फेर में कविता की आत्मा खत्म नहीं होनी चाहिए। नई प्रतिभाओं को तराशना आज के समय की मांग है।
काव्य पाठ: हास्य और गीतों की जुगलबंदी

सुबह 10 बजे ओपन मंच का संचालन सुश्री पूनम ऋतु सेन के साथ शुरू हुआ यह उत्सव दोपहर 12 बजे विराट कवि सम्मेलन में तब्दील हो गया। मंच पर काव्य पाठ की कमान वरिष्ठ कवियों ने संभाली काव्यपाठ का आगाह
राजकुमार धर द्विवेदी (रायपुर) ने अपनी विशिष्ट शैली और सिलेंडर वाली व्यंग्य रचना से पूरे सभागार को ठहाकों से भर दिया। उनकी प्रस्तुति ने सामाजिक विसंगतियों पर करारा प्रहार किया।
डॉ. दीपशिखा सागर (छिंदवाड़ा) ने अपनी बुलंद आवाज में गीत और गजलों के माध्यम से कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

आलोक शर्मा (भिलाई) एवं भोले नेमा चंचल(छिंदवाड़ा) ने अपनी हास्य रचनाओं से श्रोताओं को हंसने पर मजबूर कर दिया। वहीं कविता जैन कुहुक ने अपनी मधुर आवाज का जादू बिखेरा। कार्यक्रम का सफल संचालन कवयित्री दीपिका ऋषि झा ने किया और इच्छा-मृत्यु पर मार्मिक काव्य-पाठ भी किया।
ममता खरे मधु एवं उमेश सोनी नयन ने भी अपनी प्रभावी रचनाओं से श्रोताओं को बांधे रखा।

पुस्तक विमोचन का संचालन ममता खरे एवं सम्मान

साहित्यिक चर्चाओं के बीच वंदना ठाकुर की नवीन कृति का विमोचन अतिथियों के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस अवसर पर साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई रचनाकारों को सम्मानित भी किया गया।जिसका सफल संचालन सुश्री आहना पूंज द्वारा किया गया। शाम 5 बजे तक चले इस गरिमामय आयोजन ने रायपुर के साहित्यिक वातावरण में एक नई ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम में सीमा पांडेय सीमा, अंजू पांडेय, पंखुरी मिश्रा, शुभा शुक्ला,शुभ्रा ठाकुर,राकेश अग्रवाल,सुदेश मेहर,ज्योत्सना अग्रवाल, सिद्धनाथ सिंह, नत्थूलाल केशरवानी सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक, साहित्य प्रेमी और युवा रचनाकार उपस्थित थे।

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