हांगकांग से लंदन जा रही एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान में उस समय असामान्य स्थिति पैदा हो गई, जब एक महिला यात्री की यात्रा के दौरान ही मौत हो गई। यह घटना उड़ान भरने के लगभग एक घंटे बाद हुई। विमान में कुल 331 यात्री सवार थे।
बताया गया कि महिला की उम्र करीब 60 वर्ष थी। उनकी मृत्यु के बाद क्रू मेंबर्स के सामने यह चुनौती थी कि शव को सुरक्षित और नियमों के अनुसार कहाँ रखा जाए। शुरुआत में शव को शौचालय में रखने पर विचार किया गया, लेकिन यह उचित नहीं समझा गया। इसके बाद शव को कंबल में लपेटकर विमान के पिछले हिस्से (गैली) में रखा गया।
गैली वह स्थान होता है, जहां फ्लाइट स्टाफ भोजन और पेय पदार्थ तैयार करता है। हालांकि, इस जगह का फर्श गर्म रहता है। इसी कारण कुछ समय बाद वहां से बदबू आने लगी, जिससे पीछे बैठे यात्रियों और क्रू को असुविधा हुई।
फ्लाइट को बीच रास्ते में रोकने या वापस लौटने के बजाय लंदन तक जारी रखने का फैसला लिया गया। विमानन नियमों के अनुसार, उड़ान के दौरान किसी यात्री की मृत्यु को सामान्यतः आपातकालीन स्थिति नहीं माना जाता, जब तक कि सुरक्षा से जुड़ा कोई अन्य खतरा न हो।
लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर विमान के पहुंचने के बाद पुलिस ने अंदर आकर जांच की। इस दौरान यात्रियों को करीब 45 मिनट तक अपनी सीटों पर ही इंतजार करना पड़ा।
एयरलाइन की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि पूरी प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत की गई और वे इस कठिन समय में मृतका के परिवार के साथ हैं।
अंतरराष्ट्रीय विमानन दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि उड़ान के दौरान किसी यात्री की मृत्यु हो जाती है, तो शव को कंबल या बॉडी बैग से ढककर ऐसी जगह रखा जाता है, जहां वह कम दिखाई दे। विशेषज्ञों के मुताबिक, उड़ान के दौरान किसी यात्री की मौत होना बेहद दुर्लभ घटना है।






